क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि पर्यटन विकास को लेकर पर्यटन विभाग निरंतर कार्य कर रहा है। पर्यटन के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार दिलाने की कोशिश की जा रही है। पिछले पांच वर्षों में 50 से अधिक योजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
पिछले पांच वर्षों में गोरक्षनगरी पर्यटन का हब बन चुकी है। इसकी चमक देशभर में फैलती जा रही है। पहले जहां पर्यटन के नाम पर गोरखनाथ मंदिर, गीता प्रेस, तरकुलहा आदि स्थल ही थे, वहीं अब नया सवेरा समेत 50 से अधिक पर्यटन स्थल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।
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मौसम सुहाना होने पर रामगढ़ताल के किनारे घूमते लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
पिछले पांच वर्षों में पर्यटन विकास को पंख लग गए हैं। पर्यटन विभाग ने 50 से अधिक योजनाओं को मूर्त रूप देकर पर्यटकों को आकर्षित करने का काम किया है। आगे की योजनाओं में गौरव संग्रहालय, चिलुआताल लेकव्यू, कुसम्ही जंगल इको पार्क, रामगढ़ताल क्षेत्र में हैंगिंग रेस्टोरेंट, रामगढ़ताल में रोपवे संचालन, रामगढ़ताल में देश के सबसे ऊंचे फाउंटेन, शहर के इंट्री प्वाइंट नौसड़-कालेसर बंधे का और राजघाट पुल पर फसाड लाइट व सुंदरीकरण समेत दर्जनों योजनाओं पर काम चल रहा है।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना ने पर्यटन को गांवों तक पहुंचा दिया है। प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में 50 लाख रुपये की लागत से एक धार्मिक स्थल को पर्यटन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
गोरखपुर का मौसम हुआ सुहाना तो लोग रामगढ़ताल पहुंच गए।
- फोटो : अमर उजाला।
इन कार्यों से लगे पर्यटन को पंख
पर्यटन विभाग की ओर से जिले में पिछले पांच वर्षों में करीब 54 काम कराए गए हैं। इनमें गोरखनाथ मंदिर में साउंड एंड लाइट शो, राम प्रसाद बिस्मिल स्मारक, चौरीचौरा शहीद स्मारक, डोहरिया कला स्मारक, भरोहिया शिव स्थल, सूर्यकुंड धाम, मुंजेश्वरनाथ मंदिर, मोहद्दीपुर व जटाशंकर गुरुद्वारा, मुक्तेश्वरनाथ मंदिर, वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मानसरोवर मंदिर, मानसरोवर रामलीला मैदान, कबीर धूनी, गोरख तलैया, रामलीला मैदान बर्डघाट, रामगढ़ताल लाइट एंड साउंड शो शामिल हैं।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि पर्यटन विकास को लेकर पर्यटन विभाग निरंतर कार्य कर रहा है। पर्यटन के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार दिलाने की कोशिश की जा रही है। पिछले पांच वर्षों में 50 से अधिक योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। दर्जनभर से अधिक योजनाओं पर काम चल रहा है।