कोरोना संक्रमण से मुक्ति पा चुके लोगों पर अब बोन डेथ का भी खतरा मंडराने लगा है। इस बीमारी को विज्ञान की भाषा में एवैस्कुलर नेक्रोसिस नाम से जाना जाता है। विशेषज्ञ इसे लांग कोविड का हिस्सा मान रहे हैं। इस बीमारी से पीड़ित एक मरीज का ऑपरेशन गोरखपुर शहर के एक निजी अस्पताल में हुआ है। पीड़ित मरीज पिछले साल जुलाई माह में कोरोना संक्रमित हुआ था।
जानकारी के मुताबिक कुशीनगर के तरया सुजान निवासी मेराज आलम (30) चार महीनों से दाहिने कूल्हे के दर्द से परेशान थे। इस बीच उन्होंने शहर के एक निजी अस्पताल में डॉ. अमित मिश्रा से संपर्क किया। डॉ. अमित ने बताया कि दर्द को देखते हुए कूल्हे का एमआरआई कराया गया। एमआरआई रिपोर्ट में दाहिने कूल्हे में एवैस्कुलर नेक्रोसिस नाम की बीमारी का पता चला। बताया कि इस बीमारी में कूल्हे के अंदर खून का संचार पूरी तरह से बाधित हो जाता है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी खबर...