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बाढ़ पीड़ितों का दर्द: कहीं नाव नहीं तो कहीं घर में फंसे लोगों को भोजन-दवा का इंतजार, आफत में है बुजुर्ग और बच्चों की जान

Sun, 05 Sep 2021 12:39 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में राप्ती नदी की बाढ़ से घिरे चपरा पूर्वी और मंझरिया गांव में लोग त्राहिमाम कर रहे हैं। कहीं नाव नहीं मिल रही तो कहीं घर में फंसे लोग भोजन व दवा का इंतजार कर रहे हैं। बुजुर्गों, बच्चों की जान आफत में है। जुगाड़ से ट्यूब की नाव बनाकर ग्रामीण मुख्य सड़क तक आने का प्रबंध कर रहे हैं। सदर तहसील का चपरा व मंझरिया गांव राप्ती नदी के दियारा क्षेत्र में होने के चलते बाढ़ की चपेट में है। लोगों के घरों में तीन से चार फीट तक पानी भरा है। लोग घर की छत या बंधे पर शरण लिए हैं। चपरा पूर्वी गांव में जाने वाली सड़क पर पानी है। पिच रोड व गांव की सड़क के बीच के करीब 50 मीटर हिस्से में कई लोगों ने ठेला पर सामान रखा हुआ है।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
अपने सामान के साथ यहां बैठे 70 वर्षीय विंध्याचल का कहना था कि ‘अभी त 2017 के जेतना भी पानी नइखे। पिछली बार त पक्का सड़क तक पानी चढ़ल रहे।’ इनकी बात को आगे बढ़ाते हुए रामसमुझ कहते हैं कि बाढ़ से हमारा जन्म का नाता है। हर साल पानी हमारे घरों को पवित्र कर जाता है। हालांकि, रहने-खाने की तकलीफ है, लेकिन प्रकृति के आगे सब विवश हैं।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
नाव नहीं मिली तो ट्यूब का लिया सहारा
शनिवार को मुख्यमंत्री जिले में थे, लिहाजा बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री बांटी जाने लगी। चपरा पूर्वी की अनीता और शीतल भी अपने-अपने घरों से राहत सामग्री लेने के लिए निकलीं, लेकिन नाव नहीं मिली। काफी इंतजार के बाद दोनों ट्यूब  की नाव के सहारे सड़क पर पहुंचीं। दोपहर बाद जब राहत सामग्री लेकर वापस लौटीं तो फिर वहीं समस्या आ गईं। ट्यूब पर रखकर अनाज ले जाना संभव नहीं था। लिहाजा एक घंटे तक सड़क के किनारे बैठकर नाव आने का इंतजार किया।

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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
दूषित पानी कर रहा बीमार
एक सप्ताह से अधिक समय से बाढ़ का पानी भरा होने के कारण अब लोगों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है। इसके चलते तमाम लोग बुखार, उल्टी-दस्त आदि की चपेट में आ रहे हैं। बुखार से पीड़ित लोग मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर खा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर मेडिकल टीम नियमित उनके गांव आती रहे तो कोई दिक्कत नहीं होगी।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
करीब ढाई लाख की आबादी बाढ़ के पानी से घिरी
बीते 20 दिनों से जनपद की प्रमुख नदियों के उफान के कारण करीब ढाई लाख की आबादी बाढ़ के पानी से घिर गई है। कई प्रमुख मार्ग बंद कर दिए गए हैं। तीन तटबंधों के टूटने से 12 से अधिक गांव जलमग्न हो गए हैं। सिंचाई विभाग के अलावा ग्रामीण भी बंधों पर पहरा दे रहे हैं। बंधों पर लगातार रिसाव होने के कारण लोगों में भय का माहौल है। हर किसी की निगाह नदियों के जलस्तर पर टिकी रहती है। लोग यह लगातार यह पता करते रहते हैं कि 1998 के निशान से राप्ती नदी कितना नीचे बह रही है।
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