Martyr Deepak Karki
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गोरखपुर में ही अंतिम विदाई देने का फैसला हुआ। इसके बाद गोरखा रेजीमेंट के उच्चाधिकारियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों ने नेपाल के अधिकारियों से बात कर परिवार वालों को गोरखपुर बुलवाया। शहीद की पत्नी, भाई, भाभी, तीनों बच्चे, चाचा वन बहादुर कार्की सहित कुल नौ लोग यहां पहुंचे। चाचा वन बहादुर ने अन्य कर्मकांड किया। परिवार के साथ गोरखा रेजीमेंट के झविंद्र देवाली भी आए थे। उनकी भी तैनाती कार्की के साथ जम्मू कश्मीर में है।