फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तस्वीरें: पति की शहादत पर बोली पत्नी, बेटे को भी भेजूंगी सेना में

Wed, 24 Jun 2020 04:03 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 5
Martyr Deepak Karki - फोटो : अमर उजाला।
जम्मू कश्मीर के राजौरी के नोसेरा सेक्टर में सोमवार को पाकिस्तानी सेना की ओर से की जा रही फायरिंग में गोरखपुर के गोरखा रेजिमेंट के हवलदार दीपक कार्की (37) शहीद हो गए थे। मंगलवार देर शाम गोरखपुर के राजघाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

शहीद हवलदार दीपक कार्की के अंतिम संस्कार के समय मौजूद सभी की आंखें नम थीं। सब ने उनके जज्बे को सलाम किया। छह वर्ष के बेटे एंजल कार्की ने जब पिता की चिता को मुखाग्नि दी तब शायद ही कोई ऐसा रहा हो जिसकी आंखें नम न हुईं हां। पत्नी प्रतिमा कार्की को शहीद की भाभी ढांढस बंधा रही थीं। प्रतिमा ने कहा, मुझे पति की शहादत पर फक्र है। बेटे को भी सेना में भेजूंगी।
विज्ञापन

2 of 5
Martyr Deepak Karki - फोटो : अमर उजाला।
शहीद दीपक कार्की नेपाल राष्ट्र के भुटवल स्थित सालिकग्राम के रहने वाले थे। उनकी मां का पहले ही देहांत हो चुका था। परिवार में पत्नी प्रतिमा, दो बेटियां कपिला और कुंजला व छह साल का बेटा एंजल है। शहीद होने की खबर परिवार वालों को सोमवार की सुबह मिली। फिर क्या परिवार में कोहराम मच गया। लॉकडाउन की वजह से पार्थिव शरीर नेपाल नहीं ले जाया गया।
विज्ञापन

3 of 5
Martyr Deepak Karki - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में ही अंतिम विदाई देने का फैसला हुआ। इसके बाद गोरखा रेजीमेंट के उच्चाधिकारियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों ने नेपाल के अधिकारियों से बात कर परिवार वालों को गोरखपुर बुलवाया। शहीद की पत्नी, भाई, भाभी, तीनों बच्चे, चाचा वन बहादुर कार्की सहित कुल नौ लोग यहां पहुंचे। चाचा वन बहादुर ने अन्य कर्मकांड किया। परिवार के साथ गोरखा रेजीमेंट के झविंद्र देवाली भी आए थे। उनकी भी तैनाती कार्की के साथ जम्मू कश्मीर में है।

4 of 5
Martyr Deepak Karki - फोटो : अमर उजाला।
बेटे को अंतिम विदाई नहीं दे पाए पिता
शहीद के पिता शालिकराम कार्की बुजुर्ग हैं। अस्वस्थ होने के कारण बेटे को अंतिम विदाई देने गोरखपुर नहीं आ सके। पत्नी ने बताया कि दीपक कार्की 10 अक्तूबर 2019 को अंतिम बार छुट्टी पर घर आए थे। रविवार की रात उनकी दीपक से फोन पर अंतिम बार बात हुई थी। उन्होंने पिता के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी। साथ ही बेटे व बड़ी बेटी से भी बात की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Martyr Deepak Karki - फोटो : अमर उजाला।
भाजपा नेता भी पहुंचे, दी श्रद्धांजलि  
शहीद को अंतिम विदाई देने भाजपा नेता भी पहुंचे। क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, प्रदीप शुक्ला, गुरु कृपा संस्थान के निदेशक व क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी बृजेश त्रिपाठी, पार्षद रणंजय सिंह जुगनू व सत्येंद्र राम त्रिपाठी राप्ती तट स्थित राजघाट पहुंचे और शहीद को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें