भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर के प्रमुख पुरातात्विक धरोहर स्थल कोविड महामारी के चलते बीते 15 अप्रैल से बंद कर दिए गए थे। दो माह बाद बुधवार को सूर्योदय के साथ खोल दिए गए। लेकिन कोविड गाइडलाइन के शर्तों के अनुपालन के साथ ही कोई प्रवेश पा सकता है। मास्क लगाने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग नियम महापरिनिर्वाण मंदिर, मांथा कुंवर मंदिर और रामाभार स्तूप के लिए लागू किया गया है। कोविड महामारी के बीच इन प्रमुख दर्शनीय स्थलों के चलते बंद होने से पर्यटन व्यवसाय प्रभावित हुआ है। यहां आने वाले देश व विदेश से पर्यटकों की संख्या बहुत ही कम रही। पर्यटन विभाग में दर्ज आकड़ों के मुताबिक वर्ष 2020 व 2021 में पर्यटकों की संख्या फरवरी से लेकर मई माह तक बहुत कम रही है।
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भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर
- फोटो : अमर उजाला।
वर्ष 2020 के फरवरी माह में जहां 17212 देशी विदेशी पर्यटक आए, वहीं मार्च में यह संख्या घटकर 2567 में ही सिमट गई। अप्रैल और मई में शून्य हो गई। चूंकि 17 मार्च से आठ जून तक दर्शनीय स्थल बंद रहे।
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माथा कुंअर मंदिर
- फोटो : अमर उजाला।
कुछ ऐसी ही तस्वीर कोविड व लॉकडाउन के चलते फरवरी से मई तक वर्ष 2021 में भी है। यहां फरवरी में 4072, मार्च में 3464, अप्रैल में 1851 और मई में लगभग एक हजार आवासीय इकाइयों में ठहरे लोगों का आकड़ा दर्ज है।
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बारिश के कारण नहीं पहुंचे पर्यटक।
- फोटो : अमर उजाला।
पर्यटक सूचना अधिकारी राजेश कुमार भारती ने बताया कि कोविड व लॉकडाउन से पर्यटन विभाग को सीधे नहीं अप्रत्यक्ष रूप से नुकसान हुआ है। जिसमें होटल उद्यमी, निगम, रेस्टोरेंट, टूर ट्रैवल एजेंसी आदि का व्यवसाय प्रभावित हुआ है।