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चिंता: कोरोना से ठीक होने के बाद सता रहा गंजा होने का डर, जानिए क्या है इसकी वजह

Mon, 14 Jun 2021 10:46 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

टेलोजन एफ्लुवियम की समस्या से जूझ रहे हैं मरीज। बाल झड़ने की शिकायत लेकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं लोग। डॉक्टर दे रहे हैं सलाह ऐसे लोग न लें तनाव, नहीं तो हो सकते हैं गंजे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना संक्रमण से मुक्ति के बाद अब लोग बाल झड़ने और त्वचा संबंधित रोगों से परेशान हैं। ऐसे लोगों को गंजा होने का डर सता रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना वायरस के लक्षणों से उबरने के बाद लोग शारीरिक और मानसिक तनाव में हैं। इसकी वजह से बहुत लोग बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं। गोरखपुर जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन आठ से 10 मरीज इस समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं।

जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एनके वर्मा ने बताया कि कोविड के कारण बालों की झड़ने की समस्या को टेलोजन एफ्लुवियम (टीई) कहते हैं। टीई तनाव और पौष्टिक आहार न मिलने के कारण होता है। यह मानसिक और शारीरिक तनाव की प्रक्रिया में होता है। कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके लोगों को टीई का खतरा ज्यादा है। क्योंकि टीई तब बढ़ता है, जब शारीरिक रूप से लोग बीमार होते हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
बताया कि करीब आठ से 10 मरीज इस समस्या को लेकर प्रतिदिन ओपीडी में पहुंच रहे हैं। कोविड की वजह से होने वाला तनाव बालों के झड़ने का सबसे बड़ा कारण है। बताया कि कोरोना के कारण होने वाले तनाव से बालों के फोलिकल को भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है। इसकी वजह से फोलिकल निष्क्रिय हो जाते हैं। ऐसे में बालों का झड़ना शुरू हो जाता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
हर बीमारी के बाद आने लगती है यह समस्या
डॉ. एनके वर्मा ने बताया कि कोविड के अलावा अन्य गंभीर बीमारियों में भी बाल झड़ने की शिकायतें अब मिलने लगी हैं। इसकी वजह यह है कि लोग प्रोटीनयुक्त भोजन पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। इसकी वजह से बालों का झड़ना शुरू हो जाता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
मानसिक तनाव सबसे बड़ा कारण
डॉ. एनके वर्मा बताते हैं कि कई मरीज ऐसे भी आ रहे हैं, जो कोविड पॉजिटिव नहीं थे। लेकिन वह भी बालों के झड़ने की समस्या से परेशान हैं। इसकी वजह यह है कि लोग कोरोना महामारी के बीच घरों में रहे, नौकरी छूटने का डर या फिर बिजनेस प्रभावित होने के डर से साइकोलॉजिकल तनाव में हैं। ऐसे लोगों के भी बाल झड़ने की शिकायतें इस बीच लगातार आ रही है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
टीई की समस्या में औसतन ज्यादा झड़ते हैं बाल
डॉ. एनके वर्मा ने बताया कि बाल झड़ने की समस्या को टेलोजन एफ्लूवियम कहा जाता है। इसमें व्यक्ति के बाल रोग सामान्य के मुकाबले ज्यादा झड़ते हैं। यह जानकारी लोगों को एक महीने बाद हो पाती है। टीई में लोगों के बाल झड़ते ज्यादा है और उगते बेहद कम हैं। जबकि औसतन सामान्य दिनों में इंसान के पांच से 10 प्रतिशत ही बाल झड़ते हैं।
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