भारतीय रेल में ट्रेन के हॉर्न का मतलब अलग-अलग होता है। इसी हॉर्न से ही ड्राइवर, गार्ड और स्टेशन मास्टर को संकेत देता है। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के लोको पायलट (ड्राइवर) आशुतोष कुमार कहते हैं, इन संकेतों का बहुत महत्व है। ट्रेनिंग में इसी को सिखाया जाता है। हॉर्न से हम गार्ड को सचेत करते हैं। हालांकि अब वाकी टाकी और मोबाइल जैसी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं लेकिन आज भी हार्न से संकेत देने के नियम को फॉलो किया जाता है।