फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में हर विभाग करेगा मरीजों पर शोध, जानिए क्या है वजह

Thu, 17 Dec 2020 12:33 PM IST
vivek shukla नीरज मिश्रा, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 9
कोरोना वायरस। - फोटो : रवि बत्रा
गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सभी विभागों में मरीजों पर शोध होगा। लॉकडाउन खत्म होने के बाद फिर से ओपीडी शुरू होने के बाद मरीजों का रिकॉर्ड इकट्ठा किया जा रहा है। यह कवायद कोरोना वायरस की वजह से शुरू की गई है।

 
विज्ञापन

2 of 9
Covid - 19 - फोटो : अमर उजाला।
शोध में विभागवार मरीजों को होने वाली बीमारियों का पता लगाया जाएगा। जिससे की यह पता चल सके कि कोविड ने पूर्वांचल में किस बीमारी के पीड़ित पर क्या असर डाला है? उनके शरीर के अंगों पर क्या प्रभाव पड़ा है? कौन से अंग ज्यादा खराब हुए हैं?
विज्ञापन

3 of 9
coronavirus - फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस के रूप और उसके बदलते प्रभाव को अब तक कोई पकड़ नहीं पाया है। इस पर पूरी दुनिया में शोध चल रहे हैं। लेकिन अब तक स्पष्ट नतीजे नहीं मिले हैं। ऐसे में बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने यह फैसला लिया है कि पूर्वांचल में कोरोना का असर किस स्तर पर और कौन से मरीजों पर ज्यादा रहा है, कौन से मरीज ज्यादा प्रभावित हुए हैं, किन मरीजों पर वायरस ने अलग तरह के असर दिखाए हैं, पर शोध करेगा।

 

4 of 9
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
ऐसे मरीजों के बारे में जानने के लिए कॉलेज के 16 विभागों ने मरीजों के रिकॉर्ड इकट्ठा करना शुरू कर दिए हैं। ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों की पूरी केस हिस्ट्री नोट की जा रही है। उनसे कोरोना संक्रमण के बारे में भी पूछा जा रहा है। बताया जा रहा है कि करीब छह माह तक मरीजों को अलग-अलग वर्गों में बांटकर इस पर शोध किया जाएगा, जिससे की पूर्वांचल में कोरोना की यथास्थिति का पता चल सके।

 
विज्ञापन

5 of 9
कोरोना वायरस। - फोटो : अमर उजाला।
ये विभाग कर रहे मरीजों का रिकॉर्ड इकट्ठा
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन, सर्जरी, आर्थो, गायनी, पिडियाट्रिक्स, ईएनटी, आई, डेंटल, स्किन, मानसिक रोग विभाग, टीबी चेस्ट, कैंसर विभाग, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग आने वाले मरीजों का रिकॉर्ड इकट्ठा कर रहा है। मरीजों के नाम पते के साथ-साथ उनके घर में रहने वाले लोगों की संख्या, संक्रमण की स्थिति सभी जानकारियां नोट की जा रहीं हैं।

 
विज्ञापन

6 of 9
covid 19 - फोटो : iStock
पोस्ट कोविड मरीजों में मिल रहे अलग-अलग लक्षण
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ओपीडी शुरू होने के बाद पोस्ट कोविड मरीजों में अलग-अलग लक्षण देखने को मिल रहे हैं। संक्रमण से मुक्त होने के बाद मरीजों में चिड़चिड़ापन, सांस लेने में तकलीफ, थकान, गुस्सा, आर्थराइटिस, कमजोरी जैसी समस्या आ रही है। यही वजह है की विभागवार शोध का फैसला लिया गया है। जिससे की कोरोना वायरस के बारे में सही जानकारी मिल सके।

 
विज्ञापन

7 of 9
भारत नेपाल सीमा। - फोटो : अमर उजाला।
नेपाल और बिहार से भी आते हैं मरीज
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में नेपाल और बिहार सहित सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, महराजगंज, देवरिया, आजमगढ़, मऊ जैसे जिलों से मरीज आते हैं। इन जिलों के मरीजों का भी पूरा रिकॉर्ड नोट किया जा रहा है। क्योंकि इन जिलों में भी कोरोना मरीजों की अच्छी खासी संख्या रही है। हालांकि पूर्वांचल में सबसे अधिक मरीज गोरखपुर जिले में अब तक मिले हैं।

 

8 of 9
कोविड-19 - फोटो : pixabay
जर्नल ऑफ इम्युनोलॉजी में शोध हो चुके हैं प्रकाशित
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह कोरोना वायरस पर शोध कर चुके हैं। शोध में यह बात सामने आ चुकी है कि तीन मरीजों पर वायरस का असर अलग-अलग तरीकों से रहा है। एक महीने के अंदर तीनों मरीज दोबारा संक्रमण का शिकार हुए हैं। यह शोध पत्र अमेरिका के इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इम्युनोलॉजी में प्रकाशित भी हो चुका है।
 
विज्ञापन

9 of 9
BRD medical college - फोटो : अमर उजाला
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि ओपीडी शुरू होने के बाद सभी विभागों में मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। सभी विभाग मरीजों का रिकॉर्ड इकट्ठा कर रहे हैं। मरीजों से संक्रमण के बारे में भी पूछा जा रहा है। जिससे कि यह पता किया जा सके कि संक्रमण से ठीक होने के बाद उन पर वायरस का असर कितना हुआ है। अलग-अलग विभाग जब शोध करेंगे तो पूर्वांचल में कोरोना वायरस की सही जानकारी मिल सकेगी। हालांकि इसमें थोड़ा समय लगेगा। क्योंकि यह शोध लंबा चलेगा।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें