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कारोबारी मनीष हत्याकांड: जेएन सिंह एंड कंपनी की न्यायिक हिरासत बढ़ी, एक दिसंबर तक इस जेल में रहेंगे बंद

Wed, 17 Nov 2021 09:37 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

टीम ने सीजेएम कोर्ट में आरोपी इंस्पेक्टर जेएन सिंह, दरोगा अक्षय मिश्रा, राहुल दुबे, विजय यादव, प्रशांत कुमार व कमलेश यादव की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया।
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आरोपी छह पुलिसकर्मी व मनीष गुप्ता की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड में आरोपी इंस्पेक्टर जेएन सिंह सहित छह पुलिस कर्मियों की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ा दी गई है। अब आरोपी सभी कर्मियों को एक दिसंबर तक गोरखपुर जेल में ही रहना होगा। सीजेएम कोर्ट ने सीबीआई के अनुरोध पर आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाई है। बुधवार को पूरे दिन सीबीआई टीम कोर्ट परिसर में ही रही। शाम को आदेश होने के बाद टीम लौटी है। इसके अलावा पूछताछ के लिए बुलाई गई एसआईटी कानपुर की टीम भी लौट गई है।

मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच करने आई सीबीआई टीम मामले से जुड़े हर पहलू को देख रही है। एनेक्सी भवन में रुकी टीम ने होटल कर्मियों व पुलिस कर्मियों समेत मामले से जुड़े कई लोगों से आरंभिक पूछताछ की है। बुधवार को सीबीआई के इंस्पेक्टर व दरोगा दीवानी कचहरी पहुंचे।


 
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मृतक कारोबारी मनीष गुप्ता। - फोटो : amar ujala
टीम ने सीजेएम कोर्ट में आरोपी इंस्पेक्टर जेएन सिंह, दरोगा अक्षय मिश्रा, राहुल दुबे, विजय यादव, प्रशांत कुमार व कमलेश यादव की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया। दोपहर बाद सीजेएम कोर्ट ने इस प्रकरण की सुनवाई करते हुए न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने का आदेश दिया। इसके कुछ देर बाद ही सीबीआई की टीम लखनऊ लौट गई।

 
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मनीष गुप्ता हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला।
अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्दी ही टीम विशेषज्ञों के साथ वापस आएगी। इस मामले की सुनवाई सीबीआई की दिल्ली कोर्ट में होनी है। इसका आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया था। लिहाजा, एक दिसंबर के बाद सीबीआई आरोपितों को दिल्ली के तिहाड़ जेल शिफ्ट कर सकती है।

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मनीष गुप्ता हत्याकांड के आरोपी इंस्पेक्टर व दरोगा। - फोटो : अमर उजाला।
एसआईटी के अनुरोध पर बढ़ी थी अवधि
इस प्रकरण की जांच सीबीआई से पहले कानपुर एसआईटी कर रही थी। एसआईटी ने तीन नवंबर को खत्म हो रही न्यायिक हिरासत की अवधि को बढ़ाने का अनुरोध किया था। इसके बाद 11 नवंबर से सीबीआई केस से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। इस बीच आरोपियों की न्यायिक हिरासत 17 नवंबर को समाप्त हो रही थी।

 
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कानपुर के कारोबारी मनीष की मौत का मामला। - फोटो : अमर उजाला।
एसआईटी ने केस सीबीआई को हैंडओवर कर दिया था, लिहाजा 17 नवंबर को सीबीआई ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर केस अपने हाथ में लेने की जानकारी दी और आरोपी पुलिसवालों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया। कोर्ट ने उनके अनुरोध को मानते हुए एक दिसंबर तक न्यायिक हिरासत बढ़ा दिया है।
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