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होम आइसोलेशन में कोरोना मरीजों पर ऐसे रखें नजर, इन स्थितियों में करें डॉक्टर से संपर्क

Sat, 10 Oct 2020 08:04 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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होम आइसोलेशन। - फोटो : पीटीआई
कोविड-19 का सबसे ज्यादा असर फेफड़ों पर होता है, ऐसे में मरीजों को जल्दी-जल्दी सांस लेनी पड़ सकती है और थकान महसूस हो सकती है। इसके लिए जरूरी है कि अपने खानपान पर खास ध्यान दें और रोजाना सुबह सांस संबंधी व्यायाम करें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी का कहना है कि ऐसे में होम आइसोलेशन में रहने वालों को समय-समय पर आक्सीजन स्तर की जांच करते रहना चाहिए।
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
उनका कहना है कि आक्सीजन का स्तर 95 से अधिक है तो परेशान होने की कोई बात नहीं लेकिन यह 90 से 94 के बीच पहुंचता है तो तत्काल कंट्रोल रूम या चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। आक्सीजन लेवल नीचे जाने से दिक्कत बढ़ सकती है और अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ सकता सकता है।
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Covid 19 - फोटो : PTI
डॉ. श्रीकांत तिवारी का कहना है कि होम आइसोलेशन की गाइड लाइन में स्पष्ट निर्देश है कि कोरोना उपचाराधीन एवं देखभाल करने वाले व्यक्ति नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य पर नजर रखेंगे और कोई बदलाव महसूस करेंगे तो चिकित्सक को अवगत कराएंगे। इसमें यह भी हिदायत है कि शरीर में आक्सीजन की संतृप्तता (सेचुरेशन) 95 प्रतिशत से कम होती है या सांस लेने में कठिनाई महसूस होती है तो कंट्रोल रूम से संपर्क करना चाहिए।

 

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कोरोना वायरस। - फोटो : अमर उजाला
ऐसा न करना घातक साबित हो सकता है। इसके अलावा सीने में लगातार दर्द व भारीपन होना, मानसिक भ्रम की स्थिति अथवा सचेत होने में असमर्थता, बोलने में दिक्कत, चेहरे या किसी अंग में कमजोरी और होंठों व चेहरे पर नीलापन आने की स्थिति में भी कंट्रोल रूम या तो चिकित्सक को बताना जरूरी होगा।
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कोरोना वायरस। - फोटो : अमर उजाला।
डॉ. श्रीकांत तिवारी का कहना है कि इसीलिए होम आइसोलेशन में रहने वाले लक्षण विहीन कोविड पॉजिटिव मरीजों को एक किट क्रय कर अपने पास रखनी होती है, जिसमें पल्स आक्सीमीटर, थर्मामीटर, मास्क, ग्लब्स, सोडियम हाइपोक्लोराइट साल्यूशन और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली वस्तुएं शामिल होती हैं।    

हाथों की सफाई व मास्क है जरूरी
  • कोरोना मरीज या उसके किसी वस्तु के संपर्क में आने के बाद हाथों की सफाई अवश्य करें।
  • शौचालय का उपयोग करने के बाद, भोजन करने से पहले, भोजन तैयार करने से पहले और बाद में हाथों की सफाई अवश्य करें।
  • हाथ धोने के लिए कम से कम 40 सेकेंड तक साबुन-पानी का उपयोग करें या एल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
  • हाथ धोने के बाद डिस्पोजेबल पेपर या निजी तौलिए से हाथों को पोछकर सूखा लें।  
  • इस दौरान थ्री लेयर वाले मेडिकल मास्क का इस्तेमाल भी बहुत जरूरी है।
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