डिग्री हासिल कर लेने से विकास का सफर समाप्त नहीं हो जाता। अभी आगे बहुत सी चुनौतियां सामने आएंगी, उनका डटकर मुकाबला करना होगा। अपने जीवन में विकास की नई पृष्ठभूमि तैयार करनी होगी। ऊचांइयों को छूने की अपार संभावनाएं है। इस दिशा में सरकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयत्न करते रहने की जरूरत है। कुलाधिपति व प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने यह बातें सोमवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 39वें दीक्षांत समारोह के दौरान अपने ऑनलाइन अध्यक्षीय संबोधन में विद्यार्थियों से कहीं।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह।
- फोटो : अमर उजाला।
राज्यपाल ने कहा डिग्री लेना वह अवसर होता है, जब हम अपने नए जीवन की बेहतरीन शुरुआत की प्रतिज्ञा करते हैं। जीवन को नए सिरे से गढ़ने का संकल्प लेते हैं। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि वह शिक्षा के क्षेत्र में समय के बदलाव को महसूस करें और उसी दृष्टि से अपनी आगे की योजना बनाएं। नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इससे स्वदेशी की भावना और बलवती होगी और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों से वैक्सीन उत्सव में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की, जिससे कोरोना संक्रमण पर काबू पाया जा सके।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह।
- फोटो : अमर उजाला।
बतौर मुख्य अतिथि मांटगोमरी कॉलेज मार्यलैंड अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट ऑफ एकेडमिक अफेयर डा. संजय राय ने ऑनलाइन जुड़कर अपने संदेश में विद्यार्थियों से अपील की कि वह विकास को लेकर अपनी सीमा आकाश को बनाएं लेकिन हमेशा अपनी जड़ों और अपनी संस्कृति के करीब रहें। क्योंकि विकास की राह पर मजबूती से बने रहने के लिए जड़ों का मजबूत रहना बेहद जरूरी है।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर विश्वविद्यालय में किए जा रहे शैक्षणिक विकास के प्रयास की सराहना करते हुए डा. राय ने कहा कि निश्चित रूप से यह विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया इनिशिएटिव अभियान को अपना लक्ष्य पाने में सहयोग करेगा। उन्होंने कोरोना काल में भी उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाते रहने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की जमकर सराहना की। कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह।
- फोटो : अमर उजाला।
ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में आयोजित समारोह में 54 टॉपरों को कुलपति द्वारा गोल्ड मेडल से नवाजा गया। इस दौरान 67613 विद्यार्थियों को स्नातक व परास्नातक की डिग्री दी गई। 155 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।
गोरखपुर विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह।
- फोटो : अमर उजाला।
छात्राओं ने फिर मारी बाजी
एक बार फिर मेडल हासिल करने में छात्राओं ने बाजी मारी। टॉपरों में 80 फीसद छात्राएं शामिल रहीं। पीएचडी की उपाधि हासिल करने वालों में छात्राएं ही आगे रहीं। पीएचडी उपाधि हासिल करने वाले शोधार्थियों में 61 फीसद छात्राएं रहीं।