अंतरराष्ट्रीय पहलवान पन्नेलाल यादव चार दशक से कॉमनवेल्थ गेम में गोरखपुर के पहलवानों से भी पदक की आस है। वर्ष 1978 में कनाडा के एडमिंटन में आयोजित हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में 25 वर्ष के युवा पहलवान पन्नेलाल यादव(82 किलोभार) ने भी भाग लिया था। मैट पर उन्होंने आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के धुरंधर पहलवानों को धूल चटाकर न केवल गोरखपुर बल्कि देश का झंडा बुलंद किया था।
मगर, क्वार्टर फाइनल में कनाडा के पहलवान से भिड़ंत के दौरान घुटने में लगी चोट ने उनके साथ साथ गोरखपुरवासियों के कॉमनवेल्थ में पहले पदक की आस तोड़ दी। इसकी कसक आज भी उनके जहन में है। वह चाहते हैं कि गोरखपुर के पहलवानों का डंका भी कॉमनवेल्थ गेम्स में बजे। समय बदला, खेल की तकनीक बदली, सुविधा और संसाधन भी बदले, देश को पदक भी मिला मगर, कॉमनवेल्थ गेम्स में गोरखपुर के पदक की चाह आज तक पूरी नहीं हो सकी है।