उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कई दिनों से रुक- रुककर हो रही बारिश के बाद गुरुवार को मौसम कुछ साफ रहा। लोकिन शुक्रवार की सुबह से ही आसमान में काले बादल छा गए। ऐसे में अगले दो दिन फिर बारिश के आसार हैं। तापमान में भी थोड़ी कमी आने से उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में चक्रवाती हवाएं सक्रिय हैं। पूर्वांचल के करीब 75 प्रतिशत इलाकों में 20 से 25 मिलीमीटर बारिश की संभावना है। पिछले तीन दिनों से जारी बारिश गुरुवार को हल्की हो गई। पूरे दिन बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी भी हुई। बीच- बीच में सूरज भी निकलता रहा। जिससे अधिकतम तापमान 31 डिग्री तक पहुंच गया। बुधवार शाम से गुरुवार शाम तक मात्र 3.1 मिलीमीटर बारिश हुई।
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गोरखपुर मौसम।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर एनवायरमेंट एक्शन ग्रुप के मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय का कहना है कि राजस्थान से पूर्वी उत्तर प्रदेश होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही ट्रफ लाइन थोड़ी कमजोर हो गई है। इस वजह से गुरुवार को बारिश नहीं हुई।
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गोरखपुर मौसम।
- फोटो : अमर उजाला।
हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर चक्रवाती हवाएं सक्रिय हैं। इस वजह से गोरखपुर एवं आसपास के इलाकों में शुक्रवार यानी आज और शनिवार को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
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राप्ती नदी।
- फोटो : अमर उजाला।
रोहिन नदी खतरे के निशान से 67 सेंटीमीटर ऊपर
लगातार बारिश के बाद गुरुवार को मौसम साफ हुआ, लेकिन नदियों का जलस्तर बढ़ता रहा। रोहिन नदी खतरे के निशान से 67 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जबकि राप्ती नदी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है। घाघरा भी खतरे के निसान से नीचे बह रही है। नदियों के तटवर्ती इलाकों में पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। प्रशासन की तरफ से एसडीएम, तहसीलदार एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है।
गोला बाजार के पास घाघरा नदी का जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला।
सिंचाई विभाग द्वारा स्थापित बाढ़ चौकी पर कटान रोकने की सामग्री की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। सभी अभियंताओं को बंधों पर गश्त करने के लिए कहा गया है। सिंचाई विभाग के अभियंताओं और अन्य लोगों से कहा गया है कि जो भी संवेदनशील प्वाइंट हैं, उसकी सतत निगरानी की जानी चाहिए। फिलहाल नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है।