उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में रविवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। आकाश में काले बादल छा गए और कुछ ही देर में बारिश शुरू हो गई। बारिश का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों में देखा गया। ग्रामीण इलाकों में ना सिर्फ झमाझम बारिश हुई बल्कि ओले भी पड़े। इसकी वजह से कुछ घरों के टीन शेड आदि भी उखड़ गए, वहीं बिजली गिरने की वजह से एक मंदिर का गुंबद भी टूट कर गिर गया।
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गोरखपुर में बारिश।
- फोटो : अमर उजाला।
पिछले कुछ दिनों से लगातार चल रही पुरवा हवा की वजह से गोरखपुर एवं आसपास के इलाकों में मौसम काफी सुहाना बना हुआ है। अधिकतम तापमान 35 डिग्री के आसपास रह रहा है। इससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिल रही है। वहीं रविवार को बारिश ने मौसम के मिजाज को और सुहाना बना दिया। शनिवार की तुलना में तापमान में भी करीब तीन डिग्री की गिरावट आई और अधिकतम तापमान 32 डिग्री के आसपास हो गया।
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गोरखपुर में बारिश।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि रविवार को एक तरह से मंडलीय वर्षा हुई है। गोरखपुर के अलावा महराजगंज, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर आदि जिलों में भी काफी अच्छी बारिश हुई है। गोरखपुर में पीपीगंज, जंगल कौड़िया, बांसगांव, खजनी, गजपुर समेत कई इलाकों में बारिश के साथ-साथ ओले भी पड़े हैं। करीब 25 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवा भी चली। दरअसल हिमालयी पश्चिमी बंगाल के ऊपर एक चक्रवाती हवा का क्षेत्र बन गया था जो बंगाल, बिहार होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश तक सक्रिय रहा। इसकी वजह से अच्छी खासी बारिश भी हुई। गोरखपुर में 7.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
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आंधी-पानी के बाद क्षतिग्रस्त पेड़।
- फोटो : अमर उजाला।
कई जगह ओले और बिजली भी गिरी
कैलाश पांडेय ने बताया कि ऊपरी वायुमंडल में करीब 30000 मीटर की ऊंचाई पर बादलों का तापमान जब माइनस 70 डिग्री से भी ज्यादा हो जाता है तो बिजली के साथ-साथ ओले पड़ने की भी आशंका रहती है। रविवार को गोरखपुर एवं आसपास के इलाकों में ऐसे ही स्थिति बनी रही। जिसकी वजह से कई जगह पर ओले पड़ने के अलावा बारिश हुई और बिजली भी गिरी।
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गोरखपुर में बारिश।
- फोटो : अमर उजाला।
गन्ना और मक्का के लिए काफी फायदेमंद
सामान्य तौर पर अब गेहूं, चना, मसूर आदि फसलों की कटाई हो चुकी है। खेतों में सिर्फ गन्ना और मक्का भर हैं। रविवार की बारिश इन दोनों फसलों के लिए काफी फायदेमंद मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञ अजय सिंह ने बताया कि इस बारिश से गन्ना और मक्का की फसल को काफी फायदा होगा।
12 से फिर बदलेगा मौसम
12 मई से मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने की संभावना है। कैलाश पांडेय ने बताया कि जम्मू कश्मीर के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है जिसकी वजह से गोरखपुर में 12, 13 और 14 मई को मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। 12 मई को हल्की बारिश होगी लेकिन 13 और 14 मई को 15 से 20 मिलीमीटर बारिश होने की संभावना है।