मानसून गोरखपुर में अभी करीब एक महीने बाद दस्तक देगा, लेकिन दो दिनों से झमाझम हो रही बारिश, पहले ही मानसून आने का एहसास दिलाने लगी है। रविवार को आधी रात के बाद जिले में तेज आंधी के बीच झमाझम बारिश हुई। शहर के कई इलाकों में जलभराव भी हो गया। वहीं, तेज हवाओं की वजह से कई इलाकों में पेड़ की डाल टूट कर सड़क पर और बिजली के तारों पर गिर पड़ीं। कई इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही। गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडे ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय सिस्टम की वजह से चक्रवाती हवाएं चल रही हैं। इसमें मौजूद नमी के कारण गरज के साथ बारिश हो रही है। रविवार रात से लेकर सोमवार तक लगभग 25 मिलीमीटर बारिश हो गई।
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गोरखपुर मौसम।
- फोटो : अमर उजाला।
12 मई से लगातार तीन दिन बारिश की संभावना
कैलाश पांडे ने बताया कि 12 मई से लगातार तीन दिन आंधी-बारिश की संभावना है। दरअसल जम्मू कश्मीर के ऊपर मंगलवार को एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। यह काफी मजबूत है। इसकी वजह से गोरखपुर एवं आसपास के जिलों में अच्छी खासी बारिश की संभावना है। 12 मई को थोड़ी कम, लेकिन 13 और 14 मई को 20 से 25 मिलीमीटर बारिश हो सकती है।
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गोरखपुर मौसम।
- फोटो : आनंद चौधरी।
15 जून को गोरखपुर में मानसून के दस्तक की संभावना
इस बार मानसून के 15 जून को गोरखपुर पहुंचने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार गोरखपुर में सामान्य मानसून रहने के आसार हैं। गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडे का कहना है कि पिछले कई वर्षों से लगभग यही ट्रेंड बना हुआ है।
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गोरखपुर मौसम।
- फोटो : अमर उजाला।
पिछले कुछ वर्षों में मानसून के आगमन की तिथि (गोरखपुर में)
वर्ष। तारीख
2015 5 जून
2016 8 जून
2017 30 मई
2018 29 मई
2019 8 जून
2020 1 जून
खेती के लिए फायदेमंद है यह बारिश
कैलाश पांडे ने बताया कि मई में औसतन 45 मिलीमीटर बारिश होती है। लेकिन, इस बार 10 दिन में ही तकरीबन 35 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। अगर खेती के लिहाज से देखा जाए तो यह काफी फायदेमंद है। खेतों में गन्ना और मकई की फसलें लगी हैं। किसानों को सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। मकई में अभी बालियां नहीं आई हैं। ऐसे में ओले से भी मकई के फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा।