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Gorakhpur Flood: गोरखपुर की ये नदियां खतरे के निशान से आईं नीचे, बांधों के कटान का खतरा बरकरार

Mon, 10 Aug 2020 01:52 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : राजेश कुमार।
गोरखपुर जिले से होकर बहने वाली ज्यादातर नदियों का जलस्तर तेजी से नीचे आ रहा है। राप्ती और गोर्रा नदी को छोड़ दिया जाए तो घाघरा, रोहिन और कुआनो नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है। हालांकि बांधों के कटान का खतरा बरकरार है। इसे लेकर प्रशासनिक अधिकारी सतर्क हैं।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : राजेश कुमार।
खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर जा चुकी राप्ती नदी का उफान कुछ कम हुआ है। इसकी मुख्य वजह पहाड़ों पर बारिश का न होना है। केंद्रीय जल आयोग से मिले आंकड़ों के मुताबिक राप्ती नदी का जलस्तर अब खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर है।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : राजेश कुमार।
गोर्रा नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि आयोग के अफसरों ने अब बाढ़ के खतरे से इंकार किया है। अफसरों का कहना है कि ज्यादातर नदियों का जलस्तर नीचे आ रहा है। अब सारा फोकस बांधों की सुरक्षा पर है। बाढ़ चौकी की मदद से 24 घंटे बांधों की निगरानी की जा रही है।

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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
रविवार को नदियों का जलस्तर (मीटर में)
नदी                     खतरे का निशान    जलस्तर सुबह आठ बजे          शाम चार बजे
घाघरा (अयोध्या)         92.730            92.590                              92.570
राप्ती (बर्डघाट)          74.980            75.210                               75.120
कुआनो (मुखलिसपुर)  78.750            77.990                               78.910
रोहिन (त्रिमुहानी)        82.440           81.140                                81.080
गोर्रा                       70.500           70.800                                70.700
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सदर सांसद रवि किशन व अन्य। - फोटो : अमर उजाला।
सांसद ने भेजी राहत सामग्री
शहर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद रवि किशन ने बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री बंटवाने का फैसला किया है। राहत सामग्री गोरखपुर सदर, कैंपियरगंज और सहजनवां तहसील क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में भेजी गई।
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