गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र के कुसम्ही स्थित फार्म हाउस के गोदाम में गोरखपुर क्लब के संचालक अंबरीश श्रीवास्तव (40) की संदिग्ध हालात में मुंह में गोली लगने से मौत हो गई। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस आत्महत्या और हादसे दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है।
गोरखपुर के कुसम्ही स्थित फार्म हाउस पर गोरखपुर क्लब के संचालक अंबरीश श्रीवास्तव की संदिग्ध हालात में हुई मौत का घटनाक्रम कई सवाल खड़े कर रहा है। शुक्रवार की सुबह वह पार्क रोड स्थित अपने आवास से अकेले कार लेकर फार्म हाउस पहुंचे थे। वहां उन्होंने पहले गायों को देखा। कर्मचारियों से एक गाय के बछिया के जन्म देने की बात पता चली तो बछिया के पैर छुए और फिर फोन पर बात करते हुए छत पर चले गए। कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज से हड़कंप मच गया।
फार्म हाउस पर मौजूद कर्मचारियों के मुताबिक, वहां पहुंचने के बाद अंबरीश ने सबसे पहले पूछा कि, किस गाय ने बछिया जनी है। कर्मचारियों के बताने के बाद वह सीधे उसी गाय के पास पहुंचे और बछिया के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद वह फार्म हाउस का मुआयना करते हुए मोबाइल पर किसी से बातचीत करते रहे और धीरे-धीरे मकान की तीसरी मंजिल की ओर बढ़ गए।
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मृतक अंबरीश की पत्नी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कर्मचारियों ने बताया कि कुछ ही देर बाद ऊपर से गोली चलने की आवाज आई। पहले तो किसी को कुछ समझ नहीं आया लेकिन जब काफी देर तक वह नीचे नहीं लौटे तो एक कर्मचारी ऊपर गया। वहां का दृश्य देख वह सन्न रह गया। अंबरीश खून से लथपथ पड़े थे और पास ही उनकी लाइसेंसी पिस्टल पड़ी थी। आनन-फानन में अन्य लोगों को बुलाया गया और परिजनों को सूचना दी गई।
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रोते बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छोटे भाई नितिन श्रीवास्तव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि, सुबह करीब 9:35 बजे ड्राइवर उमेश तिवारी का फोन आया था। उमेश ने बताया कि फार्म हाउस के स्टाफ ने सूचना दी है कि अंबरीश छत पर पिस्टल साफ कर रहे थे, तभी अचानक गोली चलने की आवाज आई। ऊपर जाकर देखा गया तो उनके मुंह से खून निकल रहा था। आशंका जताई गई कि पिस्टल साफ करते समय अचानक गोली चल गई, जो सीधे उनके मुंह में जा लगी।
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शव के पास रोते बिलखते पत्नी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दो भाइयों में बड़े थे अंबरीश
अतुल श्रीवास्तव के दो बेटों में अंबरीश बड़े थे और परिवार की अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। पिता की तबीयत इन दिनों खराब चल रही है। उन्होंने संपत्ति का बंटवारा पहले ही कर दिया था, जिसमें अंबरीश को गोरखपुर क्लब के संचालन की जिम्मेदारी मिली थी, जबकि छोटे भाई को निपाल लॉज सौंपा गया था। वह अपने पीछे पिता, पत्नी दीपाली, दो बच्चों ईशान एवं वीर और भाई का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
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अंबरीश के पार्थिव शरीर के पास बेटा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सामाजिक पृष्ठभूमि से जुड़ा रहा परिवार
अंबरीश का परिवार शहर में सामाजिक रूप से काफी सक्रिय रहा है। उनके पिता अतुल श्रीवास्तव चित्रगुप्त मंदिर सभा के अध्यक्ष रह चुके हैं और समाज में सम्मानित पहचान रखते हैं। पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अम्बरीश भी सामाजिक गतिविधियों में जुड़े रहे। वह वर्तमान में चित्रगुप्त मंदिर सभा में मंत्री पद की जिम्मेदारी निभा रहे थे।
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पिता ने हाथ जोड़कर अंबरीश को दी अंतिम विदाई
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प्रदेश भर में फैला था कारोबार
अंबरीश का कारोबार शहर से प्रदेश के कई जिलों में फैला हुआ था। टेंट व्यवसाय के साथ ही वह ठेकेदारी में भी सक्रिय थे और पीडब्ल्यूडी में पंजीकृत ठेकेदार के रूप में काम करते थे। जानकारी के अनुसार, उन्होंने लखनऊ में अपना सेंटर स्थापित किया था जबकि लखीमपुर खीरी में हॉट मिक्स प्लांट संचालित कर रहे थे। मुरादाबाद और रामपुर समेत अन्य जिलों में भी उनके प्रोजेक्ट चल रहे थे, जिससे उनका व्यवसाय लगातार विस्तार पर था।
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घर पर शव पहुंचने के बाद जुटी भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता की मौत की खबर सुन बिलख पड़े बच्चे
अंबरीश श्रीवास्तव की मौत की सूचना मिलते ही उनके दोनों बच्चों को पूर्वांह्न करीब 11 बजे स्कूल से बुलाया गया। जैसे ही उन्हें पिता के निधन की जानकारी मिली, दोनों बच्चे कार में ही अपना बैग छोड़ रोते-बिलखते घर की ओर दौड़ पड़े। उस समय परिवार के अधिकतर सदस्य कुसम्ही स्थित फार्म हाउस गए हुए थे। घर पर मौजूद परिजनों और परिचितों ने किसी तरह बच्चों को संभाला, लेकिन उनका रो-रोकर बुरा हाल रहा।
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घटना स्थल पर जांच करती फॉरेंसिक की टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर क्लब के संचालक की फार्म हाउस में गोली लगने से मौत
गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र के कुसम्ही स्थित फार्म हाउस के गोदाम में शुक्रवार सुबह गोरखपुर क्लब के संचालक अंबरीश श्रीवास्तव (40) की संदिग्ध हालात में मुंह में गोली लगने से मौत हो गई। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस आत्महत्या और हादसे दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है।
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घटनास्थल पर जुटे शुभचिंतक और एसएसपी मौके पर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिवार के लोग भी स्तब्ध हैं और अंबरीश की मौत की वजह के संबंध में कुछ बता नहीं पा रहे हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि लाइसेंसी पिस्टल साफ करते वक्त मुंह में गोली लगने से उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, पार्क रोड निवासी शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी अजय श्रीवास्तव उर्फ अतुल के बड़े बेटे अंबरीश शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे अपनी लग्जरी कार से कुसम्ही स्थित फार्म हाउस पहुंचे थे।
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घर पर जुटी भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फार्म हाउस पर डेयरी का काम भी होता है और वहां से दूध की आपूर्ति की जाती है। ड्राइवर के न आने पर अंबरीश खुद दूध लेने के लिए वहां गए थे। कर्मचारियों के मुताबिक, फार्म हाउस पहुंचने के बाद वह कुछ देर तक उनसे बातचीत करते रहे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक कॉल आई, जिसके बाद वह बात करते हुए मकान की ऊपरी मंजिल पर चले गए।
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अंबरीश का घर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करीब सवा नौ बजे गोली चलने की आवाज सुनकर एक कर्मचारी ऊपर गया। वहां अंबरीश खून से लथपथ फर्श पर पड़े मिले। पास ही उनकी लाइसेंसी पिस्टल भी पड़ी थी। मौके पर ही उनकी मौत हो चुकी थी। कर्मचारियों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी और पुलिस को भी जानकारी दी गई जिसके बाद एसएसपी डॉ. कौस्तुभ और एसपी सिटी निमिष पाटिल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
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घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
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फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड को भी बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। अंबरीश श्रीवास्तव गोरखपुर क्लब के संचालन के साथ ही टेंट हाउस संचालन और ठेकेदारी भी करते थे। गोरखपुर के अलावा मुरादाबाद और लखीमपुरी में भी वह काम करते थे।
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मृतक के अंबरीश की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उनकी कंपनी “एके टेंट हाउस” शहर के बड़े आयोजनों में सेवाएं देती है। घटना की खबर मिलते ही उनके आवास और पोस्टमार्टम हाउस पर लोगों की भीड़ जुट गई, जहां लोग शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते नजर आए।
प्रथम दृष्टया पिस्टल साफ करने के दौरान गोली चलने से मौत की बात सामने आ रही है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों का फुटेज चेक किया गया, जिसमें उनके अलावा कोई और आता-जाता नहीं दिखा है।- निमिष पाटिल, एसपी सिटी