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कोरोना वैक्सीन के प्रभावों पर अध्ययन करेगा एम्स, बनाया जाएगा मास्टर प्लान

Fri, 18 Dec 2020 11:00 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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AIIMS Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर में कोविड वैक्सीन जल्द ही पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को लगाई जाएगी। वैक्सीन से कितने प्रतिशत लोगों में एंटीबाडी बन रही है, उसका प्रभाव कितने दिनों तक रहेगा आदि बिंदुओं पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर अध्ययन करेगा। इसकी अनुमति इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) ने दे दी है। आगामी सत्र से यहां परास्नातक व फार्मेसी की पढ़ाई शुरू होगी।  
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corona - फोटो : अमर उजाला
ये जानकारी एम्स की निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों पूर्वांचल के जिलों में सेहत सुधार को लेकर हुए मंथन के बाद एम्स ने बीमारियों की रोकथाम के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। शीघ्र ही इसे शासन को भेज दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग व आमजन के सहयोग से इंसेफेलाइटिस, मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू व कालाजार आदि बीमारियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग देकर नागरिकों को बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा।
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ओपीडी पर मरीजों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
ऐसे जिलों का चयन जहां अशिक्षा, गरीबी ज्यादा
उन्होंने कहा कि सेहत सुधार के लिए पूर्वांचल के 28 जिलों का चयन किया गया है। इन जिलों में अशिक्षा, गरीबी व जनसंख्या ज्यादा है। इन जिलों में बाहर से लोग आजीविका की तलाश में आते हैं और यहां से बाहर जाते हैं, इनके साथ बीमारियां भी आती-जाती हैं।
 

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ओपीडी में बच्चे की थर्मल स्क्रीनिंग करते कर्मचारी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
कहा कि बाढ़ व जल जमाव भी यहां की प्रमुख समस्या है, जिसकी वजह से मच्छर पैदा होते हैं और उनकी वजह से बीमारियां जन्म लेती हैं। इन जिलों में ज्यादातर बच्चों का वजन कम होता है। शिशु मृत्यु दर ज्यादा है। टीबी ठीक होने की दर काफी कम है।
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AIIMS Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
एम्स में देखे जा रहे रोजाना 1000 से अधिक मरीज
निदेशक ने बताया कि एम्स से अब तक 148 रिसर्च पेपर प्रकाशित हो चुके हैं। 50 बच्चों का पहला बैच एमबीबीएस द्वितीय वर्ष में गया और 125 के सापेक्ष 107 बच्चों का एडमिशन नए बैच में हो चुका है। पढ़ाई शुरू हो गई है। 31 आंतरिक व 24 एकेडमिक प्रोजेक्ट स्वीकृत हो चुके हैं। 500 से अधिक रजिस्ट्रेशन रोज हो रहे हैं वहीं 1000 से अधिक मरीज देखे जा रहे हैं। एंटीजन से जांच हो रही है। ट्रूनेट मशीन आ चुकी है, शीघ्र ही इससे भी जांच शुरू कर दी जाएगी।
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