फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर कांड: मुर्तजा ने आईएसआईएस के खाते में भेजे थे रुपये, एटीएस के हाथ लगे चौंकाने वाले सबूत

Wed, 06 Apr 2022 11:03 AM IST
शाहरुख खान रोहित सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर
विज्ञापन
1 of 9
Gorakhnath Mandir Attack - फोटो : अमर उजाला
गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में लगे सिपाहियों पर हमले के आरोपी मुर्तजा अहमद अब्बासी ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस के बैंक खाते में लाखों रुपये भेजे हैं। इसकी जानकारी यूपी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) को मिल गई है। एटीएस मुर्तजा को ढूंढते हुए सिविल लाइंस स्थित आवास पर भी गई थी, लेकिन वह नहीं मिला। मुर्तजा को यह पता चल गया था कि एटीएस ने गिरफ्तारी का जाल बिछा दिया है। लिहाजा, घर से लापता हो गया, फिर आनन-फानन घटना को अंजाम देने पहुंच गया। एटीएस की अब तक की जांच से पता चला है कि मुर्तजा के जिन बैंक खातों से रुपये भेजे गए हैं, इसकी जानकारी मिल चुकी है। चार बैंक खातों का ब्योरा भी मिल चुका है। मुर्तजा के डेबिट कार्ड का नंबर सुरक्षित रख लिया गया है। एटीएस के सूत्रों के मुताबिक, मुर्तजा ने लोन वुल्फ अटैक मॉड्यूल के तहत वारदात अंजाम दिया है। इस मॉड्यूल में बिना किसी टीम के अकेले ही घटना को अंजाम दिया जाता है।
विज्ञापन

2 of 9
गोरखनाथ मंदिर में हमला। - फोटो : अमर उजाला।
इसमें धारदार हथियार (चाकू या फिर अन्य) का ही प्रयोग किया जाता है। इस माड्यूल को लोन वुल्फ अटैक इसलिए कहते हैं, क्योंकि यह भेड़िए की तरह अकेले हमला करने की रणनीति होती है।
विज्ञापन

3 of 9
Gorakhnath Mandir Attack - फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों पर हमले से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। एटीएस के एडीजी, आईजी व एसटीएफ के एडीजी के साथ ही इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) के अफसरों ने डेरा डाल दिया है। एनआईए के अफसर भी आ सकते हैं। गुजरात एटीएस के भी आने की चर्चा है। 

4 of 9
आरोपी मुर्तजा - फोटो : अमर उजाला
आतंकी संगठनों की वेबसाइट भी देखता था मुर्तजा
एटीएस के सूत्रों के मुताबिक, मुर्तजा आतंकी संगठनों की वेबसाइट देखता था। सर्च करके पढ़ता था। विवादित किताबें व साहित्य पढ़ने के तथ्य भी सामने आए हैं। मुर्तजा के जब्त लैपटॉप और मोबाइल फोन से भड़काऊ व धार्मिक उन्माद के वीडियो भी मिले हैं।
विज्ञापन

5 of 9
Gorakhnath Mandir Attack - फोटो : अमर उजाला
अब जांच एजेंसी मुर्तजा के नेटवर्क को खंगाल रही है। यह जानने की कोशिश कर रही है कि मुर्तजा किसके संपर्क में आने के बाद आईएसआईएस के बैंक खाते में रकम भेजने लगा। यह किसी के सहयोग के बगैर संभव नहीं है। किसी ने बैंक खाते का नंबर दिया होगा, तभी पैसा भेजा गया। 
विज्ञापन

6 of 9
मुर्तजा से बरामद सामान - फोटो : अमर उजाला
नेपाली करेंसी भी बरामद
जामा तलाशी के दौरान भूरे रंग की पर्स। उसके अंदर अर्थी स्कैन की पर्ची, एक आईसीआईसीआई बैंक का एटीएम कार्ड, एक एटीएम कार्ड प्लैटिनम फेडरल बैंक (अहमद मुर्तजा अब्बासी के नाम का), महाराष्ट्र का एक ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का एटीएम कार्ड, आईसीआईसीआई बैंक का एटीएम कार्ड, एक आधार कार्ड, नेपाल राष्ट्र का 10 रुपये का नोट, 170 रुपये नकद (10 रुपये के 17 नोट), तीन अदद छोटी चाबी, एक माइक्रो वोडाफोन का सिम, कंधे पर टंगा रैक्सीन का काले रंग का ( एलन सॉली) पिट्ठू बैग, एक इलेक्ट्रानिक लीड लगा लैपटॉप मैक बुक व कुछ अन्य सामान थे। 
विज्ञापन

7 of 9
पुलिस हिरासत में आरोपी मुर्तजा - फोटो : अमर उजाला
मुर्तजा के बैग से चाकू भी बरामद
घटना के बाद मुर्तजा के पास से धारदार हथियार भी बरामद हुए हैं। इसका जिक्र एफआईआर में भी है। इसके मुताबिक, हमले के वक्त मुर्तजा के पास चाकू भी था। दो बांका (धारदार) हथियार भी बरामद किया गया है। जिस बांका से सिपाहियों पर हमला किया गया था, वह खून से सना था, जबकि दूसरा बांका व एक चाकू मुर्तजा के बैग में रखा था। सभी बरामद हथियार को सीलबंद कर जब्त कर लिया गया।
 

8 of 9
फाइल फोटो - फोटो : Social media
मुर्तजा और उसके जानने वालों के बैंक खातों की छानबीन की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि किस खाते से कहां-कहां रुपये भेजे या मंगवाए गए। अब तक की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। घटना से दो दिन पहले भी बैंक खातों में रुपये की हेराफेरी की जानकारी मिली थी। इस पर एटीएस की टीम मुर्तजा के घर गई थी। इसके तत्काल बाद मुर्तजा ने इस घटना को अंजाम दे दिया। ऐसे हमलों को लोन वुल्फ अटैक माड्यूल कहते हैं। जांच चल रही है। 
-अमिताभ यश, आईजी एटीएस
विज्ञापन

9 of 9
एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार। - फोटो : amar ujala
पूरे मामले की जांच एटीएस के हाथों में है। आतंकी संगठनों से सांठगांठ की बात सामने आई है। मामला बेहद गंभीर है। पूरे मामले की जानकारी जांच एजेंसी को है। - प्रशांत कुमार, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें