राजघाट गैसीफायर शव दाह गृह।
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समस्या क्या है
शवदाह गृह का निर्माण ग्रीन रेवोल्युशन फाउंडेशन ने करायाथा। पांच साल तक संचालन की जिम्मेदारी भी इसी फर्म के पास है। फर्म की ओर से शवदाह गृह की देखरेख करने वाले अभिषेक कुमार ने बताया कि मशीन में पानी का प्रेशर दिया जाता है, ताकि शव जलने पर धुआं ज्यादा न हो। पानी का प्रेशर देने के लिए संपवेल लगा है, जिसमें पांच हार्स पावर का मोटर लगाया गया है। यह मोटर जल गया है और ठीक नहीं हो पा रहा है।
अक्तूबर से ही रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ
शवदाह गृह स्थल पर एक कमरा रजिस्ट्रेशन के लिए है। गैसीफायर मशीन से शव का अंतिम संस्कार कराने का रजिस्ट्रेशन शुल्क 1,800 रुपये, जबकि फड़ के लिए 200 रुपये है। यहां रखे रजिस्टर को देखने पर पता चला कि फड़ पर अंतिम संस्कार करने के लिए रोजाना सात से आठ लोग पहुंचते हैं। नवंबर से इस रजिस्टर में ब्योरा दर्ज किया गया है, लेकिन एक भी रजिस्ट्रेशन गैसीफायर मशीन से अंतिम संस्कार का नहीं है।