लॉकडाउन में फंसे 4422 यात्रियों को लेकर बुधवार को चार श्रमिक स्पेशल ट्रेनें गोरखपुर पहुंचीं। वहीं झांसी से आने वाली ट्रेन निरस्त हो गई। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई और पहले से खड़ी बसों में बैठाकर घर भेज दिया गया।
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- फोटो : अमर उजाला।
बुधवार को 1269 यात्रियों को लेकर पहली ट्रेन सुबह 6:40 बजे जालंधर से आई। 1472 यात्रियों को लेकर दूसरी ट्रेन बंगलूरू से सुबह 9:45 बजे पहुंची। शाम छह बजे भावनगर से 673 और चित्तूर से शाम 7:10 बजे 1008 श्रमिक और उनके घरवाले आए।
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जालंधर से आने से आने के बाद खजनी निवासी रमेश कुमार ने बताया कि पंजाब में उनकी हालत बहुत खराब थी और बड़ी मुश्किल से एक-एक दिन काट रहे थे। उन्हें तो एक बार लगा कि अब कभी वापस घर नहीं जा पाएंगे। लेकिन सीएम योगी ने उन्हें घर पहुंचाकर जीवदान दे दिया।
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वहीं देवरिया निवासी जितेंद्र शर्मा ने कहा कि अब कुछ भी हो जाए, बाहर कमाने के लिए नहीं जाऊंगा। घर के आसपास ही कोई भी काम कर लूंगा, भले ही चार पैसे कम मिले।
अब तीन बैच में लग रही टीटीई की ड्यूटी
श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ने के साथ ही रेलवे स्टॉफ ने भी एक बैच बढ़ा दिया है। अब टीटीई की तीन बैच में ड्यूटी लग रही है। इसी तरह जीआरपी ने भी लाइंस के सिपाहियों को लगाने का प्लान तैयार किया है। ट्रेन से उतरने वालों को लाइन लगवाना और थर्मल स्क्रीनिंग कराकर बसों में भेजने के लिए तीन शिफ्ट में 78 टीटीई और सुपरवाइजर की ड्यूटी दो दिनों से लग रही है।
एक शिफ्ट में 26 टीटीई रखे गए हैं। दो शिफ्ट के टीटीई एक दिन में काम करते हैं और एक शिफ्ट को आराम दिया जा रहा है। वहीं जीआरपी के 110 सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। लाइंस में मौजूद सिपाहियों की भी स्टेशन पर ड्यूटी लगाने का शेड्यूल तैयार किया गया है।