गोरखपुर जिले में खतरे के निशान से ऊपर बह रही राप्ती का पानी अब शहर की तरफ बढ़ने लगा है। नदी के किनारे बसे मोहल्लों में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात हैं। राजेंद्र नगर, ग्रीन सिटी समेत 15 से अधिक मोहल्लों में बाढ़ का पानी भर चुका है। इनमें से अधिकांश मोहल्लों में हादसा रोकने के लिए बिजली आपूर्ति रोक दी गई है। रोहिन नदी गोरखपुर शहर के डोमिनगढ़ इलाके में राप्ती नदी से मिलती है। राप्ती का जलस्तर पहले से ही काफी बढ़ा हुआ है। इस वक्त राप्ती खतरे के निशान से दो मीटर से ऊपर बह रही है। इसकी वजह से पानी तेजी से अगल-बगल के खाली क्षेत्रों में फैल रहा है। हालांकि हर्बर्ट बांध, मलौनी और लहसड़ी बांध की मजबूती ने शहर को अभी तक बचाए रखा है लेकिन जिन मोहल्लों में पानी भरा है, वहां के लोगों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
ट्रांसपोर्ट नगर की शिवपुर कॉलोनी, गोरखनाथ ग्रीन सिटी, राजेंद्र नगर, नई कॉलोनी जंगल बहादुरपुर अली, मोहरीपुर, शेखपुरवा, हमीरपुर, रामपुर नयागांव, बरगदवां, द्वारिकापुरी, ग्रीन सिटी फेज टू, श्यामनगर, महेसरा, चित्रगुप्त नगर, राजेंद्र नगर पश्चिमी आदि मोहल्लों में पानी भरा हुआ है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
इसके अलावा हर्बर्ट बांध से सटे बहरामपुर गांव में पांच से छह फुट तक पानी भरा है। डोमिनगढ़ इलाका भी डूबा हुआ है। नदी का बढ़ता पानी लोगों के लिए मुसीबत बन गया है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
बांध के किनारे बसे मोहल्ले नीचे हैं, लिहाजा कई मकानों की एक मंजिल डूब चुकी है। लोग दूसरे मंजिल पर सामान समेत शरण लिए हुए हैं। शुक्रवार की सुबह हुई बरसात के चलते बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति और चिंताजनक हो गई।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में आपूर्ति बंद
जिन इलाकों में बाढ़ का पानी भरा है, वहां की आपूर्ति एहतियातन बंद कर दी गई है। आपूर्ति बंद होने के चलते लोगों के घरों का इंवर्टर भी बंद हो गया है। लोग मोबाइल चार्ज करने के लिए सड़क पर आ रहे हैं। सबसे अधिक दिक्कत रात में हो रही है। बाढ़ में फंसे लोगों का कहना है कि बिजली नहीं होने के चलते पानी का संकट गहराया हुआ है। वहीं बिजली निगम के अभियंताओं का कहना है कि मोहल्लों में पानी भरा है। अगर कहीं फाल्ट के चलते तार टूटकर नीचे गिरे तो पानी में करंट फैल जाएगा। इसी के चलते बिजली आपूर्ति बंद की गई है।