नेपाल के पहाड़ी इलाकों और पूर्वांचल के मैदानी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश से गोरखपुर में बाढ़ का संकट गहरा गया है। रोहिन नदी खतरे के निशान से एक मीटर से ज्यादा ऊपर बह रही है। राप्ती, घाघरा और गोर्रा नदी भी खतरे का निशान पार कर चुकी हैं। बहरामपुर सहित 13 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। बहरामपुर में नाव के सहारे आना-जाना हो रहा है। प्रशासन की तरफ से सात गांवों में नदी का पानी भरने की बात कही गई है। हालांकि आंकड़े ज्यादा हैं। सिंचाई विभाग के अफसरों के मुताबिक नदियों के जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी रहेगा। यह संकेत खतरनाक हैं। राहत-बचाव कार्य के लिए गांवों में नावें लगाई गई हैं।
जानकारी के मुताबिक रोहिन नदी खतरे के निशान से 1.11 मीटर ऊपर बह रही है। इसके चलते सदर, सहजनवां व कैपियरगंज तहसील के कई गांव प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि सदर तहसील क्षेत्र का एक व सहजनवां तहसील क्षेत्र के छह गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। सभी गांवों में नाव लगा दी गई है। राप्ती नदी भी खतरे के निशान से चार सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इससे गोला तहसील के बड़हलगंज ब्लॉक का कछारांचल क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हुआ है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : राजेश कुमार।
बड़हलगंज प्रतिनिधि के मुताबिक राप्ती नदी का पानी हिंगुहार, लखनौरी लखनौरा, खोइया पट्टी , बैरिया खास, सहित अन्य कई गांवों में घुस गया है। लखनौरी -लखनौरा, खोइया पट्टी मार्ग पर भी बाढ़ के पानी से घिर गया है। इससे आवागमन बाधित है। घाघरा नदी खतरे के निशान से सात सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इससे तटवर्ती इलाकों में दहशत का माहौल है। राहत की बात है कि घाघरा शाम को स्थिर हो गई थी। गोर्रा नदी भी खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही है। अगर जलस्तर कम नहीं हुआ तो बाढ़ का खतरा बढ़ेगा। पानी अभी खतरे के निशान से आधा मीटर नीचे बह रही है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : राजेश कुमार।
अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड 2 रूपेश कुमार खरे ने बताया कि घाघरा और राप्ती नदी के खतरा के निशान पार करने से स्थिति गंभीर है। अभी कहीं से कटान की सूचना नहीं है। कुछ बंधों पर पानी का दबाव है। रेत की बोरी डाली जा रही है। कई स्थानों पर झांवा भरी बोरी डालकर पानी के दबाव को कम किया जा रहा है। तटबंधों की सतत निगरानी की जा रही है। कहीं कोई खतरे की बात नही है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : राजेश कुमार।
नदियों का जलस्तर नदी जलस्तर (देरशाम तक) खतरे का निशान (मीटर में)
घाघरा (अयोध्या में) 92.800 92.730
राप्ती (बर्डघाट) 75.020 74.980
रोहिन (तिरमुहानी) 83.550 82.440
गोर्रा (पिड़रा) 70.00 70.500
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : राजेश कुमार।
13 गांव बाढ़ से प्रभावित, राशन किट का वितरण शुरू
प्रशासन की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ से सोमवार को 13 गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में नावें लगाई गई हैं। इसके अतिरिक्त सहजनवां व सदर तहसील में 655 राशन किट का वितरित किया गया है। कैंपियरगंज तहसील में 500 किट राशन बांटा गया है। कैंपियरगंज तहसील के गांव बरगदही, मछलीगांव, भौराबारी, चंदीपुर, बुढ़ौली, अलगटपुर, सदर तहसील के गांव शिवरिया, चकचोहरा, विडार और सहजनवां, तहसील के गांव बनौड़, भुवाशहीद, गहीरा, सुथनी में बाढ़ का पानी पहुंचा है। इन गांवों में सात नावें राहत-बचाव कार्य में लगाई गई हैं। प्रशासन की सूची में गोला तहसील के गांव नही हैं। जबकि वहां पर भी कई गांव पानी से घिरे हैं।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट घोषित कर दिया है। प्रशासन और आपदा विभाग की तरफ से सभी संबंधित महकमों के अफसरों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। डीएम विजय किरन आनंद ने सभी तटबंधों की सतत निगरानी का निर्देश दिया है। इसके लिए तहसील के लेखपाल और कानूनगो भी लगाए गए हैं। साथ ही राहत शिविर की भी तैयारियां जांचने को कहा गया है। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ को भी अलर्ट किया गया है।
आपदा विभाग के मुताबिक जिले में 329 छोटी, मझौली और बड़ी नावें उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर अयोध्या से और नांवें मंगाई जाएंगी। डीएम ने त्वरित राहत एवं बचाव कार्य के लिए पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार उपकरणों को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित ग्रामों के आधार पर पर्याप्त मेडिकल टीम गठित की जाए। कंट्रोल रूम को हमेशा सक्रिय रखने का निर्देश दिया है।