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जानकारी मिलने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक सहायक राममिलन वर्मा ने दो कर्मचारियों अयोध्या प्रसाद और हंसराज को जांच के लिए भेजा। दोनों कर्मचारी उस स्थान पर पहुंचे जहां काफी संख्या में मछलियों के मरने की घटना हुई थी। उन्होंने नदी के पानी का सैंपल एकत्र कर उसकी जांच की, जिसमें आक्सीजन की मात्रा मानक से कम मिली।