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यहां मौजूद है भगवान बुद्ध की पांचवीं शताब्दी की प्रतिमा, इसकी खासियत जानकर हो जाएंगे हैरान

Wed, 17 Jun 2020 09:14 AM IST
vivek shukla उदयभान त्रिपाठी, कुशीनगर।
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lord buddha - फोटो : अमर उजाला।
भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में खुदाई के दौरान भगवान बुद्ध की जो प्रतिमा मिली थी, वह पांचवीं शताब्दी की मानी जाती है। इस लेटी प्रतिमा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अलग-अलग स्थान से देखने पर प्रतिमा के मुख की स्थिति भी भिन्न-भिन्न नजर आती है। अब इस प्रतिमा को संरक्षित रखने के लिए चारों तरफ से टफन ग्लास लगाया गया है जिससे कि कोई इसे स्पर्श न कर सके।
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lord buddha - फोटो : अमर उजाला।
चाइनीच यात्री फाह्यान ने अपनी भारत यात्रा के वर्णन के दौरान कुशीनगर का जिक्र किया था। 19वीं शताब्दी में कुशीनगर की खोज के दौरान एक विशाल परिसर व मिट्टी के टीलों में दबी भगवान बुद्ध की प्रतिमा मिली थी। टूरिस्ट गाइड डॉ. अभय कुमार राय बताते हैं कि मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में परिनिर्वाण मुद्रा में स्थापित भगवान बुद्ध की यह प्रतिमा 6.10 मीटर लंबी है।
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lord buddha - फोटो : अमर उजाला।
चाइनीज यात्री फाह्यान ने इसे पांचवीं शताब्दी पूर्व का माना था। इस प्रतिमा के मुख को पैरों के पास से देखने पर गंभीर मुद्रा, बीच से देखने पर सामान्य मुद्रा और नजदीक से देखने पर मुस्कुराहट का आभास होता है। प्रतिमा को काफी समय तक लोग स्पर्श करते रहे। जिसके चलते इसका क्षरण शुरू हो गया था। बाद में पुरातत्व विभाग ने इस दुर्लभ प्रतिमा को सुरक्षित रखने के लिए चारों तरफ से टफन ग्लास लगा दिया है जिससे अब कोई प्रतिमा को सीधे स्पर्श नहीं कर सकता।

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lord buddha - फोटो : अमर उजाला।
बुद्ध धर्मावलंबियों के लिए बेहद खास है यह प्रतिमा
दुनिया भर में बौद्ध धर्म के जितने भी अनुयायी हैं, उनमें इस प्रतिमा का खास महत्व है। हर वर्ष कुशीनगर में इस प्रतिमा को देखने के लिए हजारों विदेशी श्रद्धालु आते हैं। इसके अलावा दुनिया भर के शोध छात्रों के लिए भी यह प्रतिमा बेहद उपयोगी है। इस प्रतिमा के निर्माण से ही बौद्ध काल के विषय मे तमाम जानकारियां इतिहासकार जुटाते हैं।
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kushinagar news - फोटो : अमर उजाला।
दोनों धर्मों के लोग करते हैं पूजा
कुशीनगर में स्थापित भगवान बुद्ध की इस लेटी प्रतिमा की बौद्ध धर्म के अलावा हिंदू धर्म के लोग भी पूजा करते हैं। पूरे वर्ष यहां पांच लाख से अधिक देशी पर्यटक आते हैं और अपनी श्रद्धा प्रदर्शित करते हैं। देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, गोरखपुर के पूर्व सांसद योगी आदित्यनाथ, बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार, कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई प्रमुख हस्तियां भी भगवान बुद्ध की इस प्रतिमा का दर्शन पूजन कर चुकी हैं।
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