बस्ती और गोरखपुर मंडल के जिलों में रविवार को आग कहर बनकर टूटी। एक अनुमान के अनुसार केवल गोरखपुर जिले में ही करीब सौ गांवों में 1200 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल राख हो गई। अपनी आंखों के सामने पकी हुई फसल को जलती देख किसान और उनके घर की महिलाएं रो पड़ीं। कई किसानों की छह माह की मेहनत राख में मिल गई। कितना नुकसान हुआ है यह तो आकलन के बाद ही पता चलेगा, लेकिन आग ने कइयों के सपनों को स्वाहा कर दिया है। फसल में आग लगने की वजह कई जगहों पर शॉर्टसर्किट रही। कुछ जगहों पर रीपर मशीन से निकली चिंगारी से आग लगी। बांसगांव में रीपर मशीन से निकली एक चिंगारी ने एक हजार एकड़ से अधिक गेहूं की फसल को राख कर दिया। आग बुझाने का समुचित उपाय नहीं होने की वजह से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी रही। किसी भी जगह समय पर आग बुझाने के लिए दमकल की गाड़ियां नहीं पहुंचीं। ग्रामीणों ने अपने प्रयासों से आग पर काबू पाया। इस कारण अधिक नुकसान हुआ। आग बुझाने में कई युवक झुलस गए। आगजनी की बढ़ती घटनाओं से किसान काफी चिंतित हैं। हर कोई फसल को बचाने और जल्द काटकर घर लाने की जुगत में लगा है।
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बांसगांव में एक हजार एकड़ गेहूं की फसल जली
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले के कछार क्षेत्र में रविवार को रीपर मशीन (भूसा बनाने वाली मशीन) की चिंगारी से भीषण आग लगने से लगभग एक हजार एकड़ गेहूं की फसल राख हो गई। आग बुझाने के दौरान विवेक सिंह ट्रैक्टर की चपेट में आ गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। गगहा ब्लॉक की एक छोटी फायर ब्रिगेड की गाड़ी और स्थानीय लोग पेड़ की डाल और बोरे लेकर आग से जूझते रहे। आग बुझाने की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होने से नाराज लोगों ने बांसगांव चौराहे पर रास्ता जाम कर दिया।
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बांसगांव में एक हजार एकड़ गेहूं की फसल जली
- फोटो : अमर उजाला।
इतनी भीषण आग के पीछे ग्रामीण प्रशासनिक लापरवाही मान रहे हैं। उनका कहना है कि आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की मात्र एक गाड़ी पहुंची। आग पहले भुसवल ताल में लगी जो लगभग 10 किलोमीटर की परिधि में फैल गई। बांसगांव ताल की फसल को चपेट में लेते हुए डवरपार की तरफ बढ़ती गई। दोपहर 12:30 बजे आग लगने के बाद शाम चार बजे तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे लोगों में आक्रोश देखा गया। बांसगांव के जयसिंह अपने ट्रैक्टर से खेत की जुताई कर आग बुझाने की कोशिश की लेकिन आग बेकाबू हो चुकी थी।
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आग की घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने रास्ता जाम किया।
- फोटो : अमर उजाला।
कस्बे और अन्य गांवों के किसानों में घटना के बाद प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखी गई। शाम चार बजे लोगों ने बांसगांव चौराहे पर रास्ता जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से कछार में गेहूं की पसल पकने पर आग लग जाती है, जिससे पूरे गांव की उम्मीदें राख हो जाती हैं। जाम खुलवाने के लिए एडीएम वित्त, एसपी साउथ, एस डी एम बांसगांव पहुंचे। शाम 7 बजे आश्वासन पर जाम खुला। आश्वासन दिया गया कि सभी प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। बांसगांव के किसान राम प्रताप सिंह ने एसपी साउथ को पत्रक देकर भुसवल गांव के भूसा बनाने वाली मशीन के मालिक पर प्राथमिक दर्ज करने की मांग की।
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आग की घटना के बाद मची अफरा- तफरी।
- फोटो : अमर उजाला।
दो एकड़ गेहूं की फसल जली
बड़हलगंज एवं चिल्लूपार प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के मरकड़ी गांव के समीप दोपहर अज्ञात कारणों से लगी आग से लगभग दो एकड़ गेहूं की फसल राख हो गई। ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। मौके पर पहुंच कर राजस्व निरीक्षक सुरेश सिंह व हल्का लेखपाल स्वप्निल सिंह ने नुकसान की रिपोर्ट तैयार की।
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गेहूं की फसल में लगी आग को बुझाने में जुटे लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
हरपुर बुदहट : 20 एकड़ गेहूं की फसल राख
हरपुर बुदहट प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के सुगवना में सुबह 11 बजे भूसा बनाने वाली मशीन से निकली चिंगारी से करीब 20 एकड़ गेहूं की फसल राख हो गई। आक्रोशित किसानों ने ट्रैक्टर में लगी भूसा बनाने वाली मशीन को घेर लिया, जिससे चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग गया। अधिकारियों के न पहुंचने पर लोगों ने जमकर हंगामा किया। कुछ देर बाद पहुंची पुलिस और किसानों में नोकझोंक हुई। कुछ ही दूरी पर भलुवा गांव में भी अज्ञात कारणों से एक एकड़ फसल राख हो गई, जिसपर ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
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गेहूं की फसल में लगी आग।
- फोटो : अमर उजाला।
भटहट : छह एकड़ गेहूं की फसल राख
भटहट प्रतिनिधि के अनुसार दोपहर में गुलरिहा क्षेत्र के परसिया गांव में आग से 12 किसानों की छह एकड़ गेहूं की फसल राख हो गई। पछुआ हवा के कारण आग बेकाबू हो गई थी। फायर ब्रिगेड की गाड़ी और ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। लेखपाल संदीप राय ने नुकसान का आकलन किया। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। चर्चा है कि बच्चों द्वारा मछली भूनते समय आग लगी।
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गेहूं की फसल में लगी आग।
- फोटो : अमर उजाला।
आग बुझाने में कई युवक झुलसे
रमवापुर क्षेत्र के कैथवलिया गांव के सिवान में आग से कई किसानों की पांच एकड़ से अधिक गेहूं की फसल राख हो गई। आग बुझाने में गांव के करीब आधा दर्जन युवक झुलस गए। ग्रामीणों के अनुसार गांव के ब्रह्मा यादव के खेत में पहले आग लगी। आग बुझाने में पूर्व ग्राम प्रधान विंदेश्वरी गुप्ता, मिथलेश रोहित, विनय, आशीष आदि युवक मामूली रूप से झुलस गए। करीब दो घंटे के प्रयास के बाद आग बुझाई गई। फसल जलते देखकर किसान रो पड़े।
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आग की घटना के बाद नुकसान को आकलन करने पहुंची राजस्व टीम।
- फोटो : अमर उजाला।
गोला बाजार : शॉर्टसर्किट से पांच एकड़ फसल जली
क्षेत्र के विजयी उर्फ मीरपुर और नवली गांव में शॉर्टसर्किट से लगी आग से पांच एकड़ गेहूं की फसल राख हो गई। चार एक फसल केवल विजयी उर्फ मीरपुर गांव में जल गई। जबकि एक एकड़ गेहूं की फसल नवली गांव में राख हो गई। ग्रामीणों की सूझबूझ से आग पर काबू पाया गया। आग बुझने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। उधर, नवली गांव में भी शॉर्टसर्किट से गेहूं की फसल में आग लग गई। गांव के अरिमर्दन पांडेय उर्फ झिन्नू पांडेय खेत के पास बिजली का छोटा ट्रांसफार्मर लगा है। तीन बजे हवा से ट्रांसफार्मर में चिंगारियां निकलने लगीं, जिससे फसल में आग लग गई। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने के लिए सड़क पर पानी का छिड़काव करने वाले ट्रैक्टर चालक से मदद की गुहार लगाई। चालक पानी की बौछारों से आग को फैलने से रोकने में सफल रहा। तब तक एक किसान की एक एकड़ फसल जलकर राख हो चुकी थी।
पीड़ित किसानों को दिलाया जाएगा मुआवजा : विधायक
बांसगांव के भाजपा विधायक डॉ. विमलेश पासवान ने क्षेत्र के आमी ताल में अगलगी की घटना से हजारों एकड़ फसल के जलने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने इस बारे में डीएम और एसडीएम बांसगांव से बात की। राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। चौबीस घंटे में रिपोर्ट तैयार कर अतिशीघ्र पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा।