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पाकिस्तानी टिड्डियों से परेशान हुए किसान, तस्वीरों में देखें इस जुगाड़ से बचा रहे हैं अपनी फसल

Mon, 29 Jun 2020 08:39 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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Locust attack - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर बस्ती मंडल में शुक्रवार को दाखिल हुआ पाकिस्तानी टिड्डियों का झुंड रविवार दोपहर तक कई इलाकों में मंडराता रहा। टिड्डियों के हमले से सर्वाधिक नुकसान कैंपियरगंज के किसानों को उठाना पड़ा है। वहीं इन टिड्डियों से महरागंज, कुशीनगर, देवरिया, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर के किसान परेशान हैं। वहीं बस्ती जिले से अब टिड्डियों का दल निकल गया है।
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Locust attack - फोटो : अमर उजाला।
कृषि प्रधान जिला महराजगंज में टिड्डी दलों का आतंक दूसरे दिन भी जारी है। शनिवार को जहां टिड्डियों ने पनियरा क्षेत्र में किसानों को परेशान किया था वहीं दूसरे दिन रविवार को उन्होंने धानी क्षेत्र के बेलसड़ व बृजमनगंज क्षेत्र के फूलमनहां, दुबौलिया,बचगंगपुर, नौसागर, महुलानी, मटिहनवां के किसानों की मुश्किलों को बढ़ाने का काम किया। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने उन्हें भगाने व फसलों को बचाने को लेकर प्रयास प्रारंभ कर दिया है।
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Locust attack - फोटो : अमर उजाला।
टिड्डियों का झुंड उड़ाने को फायर बिग्रेड ने संभाला मोर्चा
वहीं कुशीनगर जिले में तीन दिन से टिड्डियों ने डेरा जमाया हुआ है। इनके विशाल झुंड को भगाने के लिए जिला प्रशासन ने फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों को लगाया है। इन गाड़ियों से दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। हालांकि मौसम में नमी के चलते इन्हें भगाने में दिक्कत आ रही है। शनिवार की शाम को टिड्डियों का दल जंगल नौगांवा व जंगल लुअठहा के पास देखा गया। ग्राम प्रधान ने प्रशासन को सूचना दी। रविवार को दोपहर 12 बजे सीडीओ आनंद कुमार, उप निदेशक कृषि चौधरी अरुण कुमार, जिला कृषि अधिकारी प्यारेलाल, भूमि संरक्षण अधिकारी बीआर मौर्या आदि अफसर दमकल कर्मियों व कीटनाशक दवाओं के साथ जंगल लुअठहां पहुंचे। अफसरों के सुझाव पर गांव वालों ने शोर मचाने के लिए थाली व बर्तन आदि बजाया।

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Locust attack - फोटो : अमर उजाला।
वहीं बस्ती जिले में फसलों पर टिड्डी दल की आफत फिलहाल टल गई। दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र से आए टिड्डियों का कारवां उत्तर की दिशा में गुजर गया। जिसके बाद कृषि विभाग और किसानों ने राहत की सांस ली। हालांकि अभी पूरी तरह से यह खतरा टला नहीं है। इनका दूसरा जत्था भी आ सकता है, इसलिए प्रशासन अभी भी अलर्ट मोड में है। प्रभारी संयुक्त निदेशक कृषि डाक्टर संजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि किसानों को अभी भी सजग रहना चाहिए। टिड्डियों को भगाने के सामान एकत्र रखें,ताकि अचानक उनके हमले का माकूल बचाव किया जा सके।
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Locust attack - फोटो : अमर उजाला।
टिड्डियों से बचाव को अपनाएं यह उपाय
सिद्धार्थनगर के पादप संरक्षण कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ प्रदीप कुमार ने बताया कि टिड्डी झुंड फसल को बचाने के लिए किसान खेतों में फ्लेम थ्रोअर से टिड्डयों के झुंड पर हमला करें या शोर मचाकर, ढोल नगाड़ा, डीजे बजाएं। टिड्डों ने जिस स्थान पर अपने अंडे दिए हों वहां मेलाथियॉन या क्विनालफॉस को मिलाकर प्रति हेक्टेयर छिड़कें।
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