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नवरात्र 2021: चैत्र नवरात्र में घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, जानिए कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

Sun, 11 Apr 2021 02:23 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज।
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navratri - फोटो : amar ujala
इस वर्ष चैत्र नवरात्र पूरे नौ दिनों का है, जो मंगलवार यानी 13 अप्रैल से शुरू होकर 21 अप्रैल तक रहेगा। इन नौ दिनों तक माता के भक्त माता के लिए व्रत पूजा पाठ आराधना के जरिए माता देवी को प्रसन्न करेंगे। मां के भक्त 21 अप्रैल को नवरात्र हवन कर 22 अप्रैल को व्रत का पारण करेंगें। नवरात्र को देखते हुए मंदिरों में तैयारी तेज कर दी गई है। प्रसिद्ध शक्तिपीठ लेहड़ा दुर्गा मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
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नवरात्र - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिषी आचार्य दिवाकर मणि त्रिपाठी ने बताया कि इस बार नवरात्र में देवी मां का आगमन घोड़े पर होगा। चैत्र, आषाढ़, माघ और शारदीय सहित चार नवरात्र होता है। इनमें चैत्र एवं शारदीय नवरात्र को मुख्य माना जाता है। इसके अलावा आषाढ़ और माघ नवरात्र को गुप्त नवरात्रि होती है। चैत्र नवरात्र चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक होता है।

 
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नवरात्र - फोटो : अमर उजाला
इस वर्ष चैत्र नवरात्र पर देवी मां का आगमन घोड़े पर होगा। नवरात्र का विशेष नक्षत्रों और योगों के साथ आना मनुष्य के जीवन पर खास प्रभाव डालता है। ठीक इसी प्रकार कलश स्थापना के दिन देवी किस वाहन पर सवार होकर पृथ्वी लोक की ओर आ रही हैं। इसका भी मानव जीवन पर काफी प्रभाव होता है। वैसे तो मां दुर्गा का वाहन शेर को माना जाता है। लेकिन हर वर्ष नवरात्र के समय तिथि के मुताबिक मां अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर धरती पर आती हैं।


 

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नवरात्र - फोटो : अमर उजाला।
उन्होंने बताया कि देवी भागवत पुराण में भी कहा गया है कि 'शशि सूर्य गजरूढा शनिभौमें तुरंगमे, गुरौशुक्रे च दोलायां बुधे नौकाप्रकीर्तिता' इस श्लोक में सप्ताह के सातों दिनों के अनुसार देवी के आगमन का अलग-अलग वाहन बताया गया है। अगर नवरात्र का आरंभ रविवार या सोमवार को होता है तो इसका मतलब है कि देवी मां हाथी पर सवार होकर आएंगी। वही अगर शनिवार या मंगलवार को नवरात्र का आंरभ होता है तो देवी मां घोड़े पर सवार होकर आएंगी। जबकि बृहस्पतिवार या शुक्रवार को नवरात्र का शुभारंभ होता है तो देवी मां डोली चढ़कर आती हैं। वही बुधवार को नवरात्र पूजा शुरू होता है तो मां नाव पर सवार होकर आती हैं। ऐसे में देवी भागवत पुराण के कहे श्लोक के मुताबिक उनका वाहन इस बार घोड़ा होगा।

 
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Happy Navratri 2021 - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
कलश स्थापना का शुभ मूहूर्त
13 अप्रैल : सूर्योदय 5:43 से सुबह 8:46 बजे तक। अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12: 24 बजे तक

यह होगा असर
ज्योतिषी आचार्य दिवाकर मणि त्रिपाठी के अनुसार, भगवती के घोड़े पर आने से भारत में राजनैतिक उथल-पुथल और प्रजा तथा सैनिक को कष्ट संभव है। भगवती का गमन मानव स्कंध पर होने से भारत में शुभता और सुख शांति का आगमन होगा।
 
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