भट्ठों पर काम करने वाले 1757 श्रमिकों को लेकर दुर्ग श्रमिक स्पेशल गुरुवार को गोरखपुर से रवाना हुई। लेकिन, इससे पहले प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन में करीब दो घंटे तक पंखे नहीं चले। उमस भरी गर्मी में श्रमिक और उनके घरवाले बिलबिला गए। कई यात्री शर्ट उतारकर प्लेटफॉर्म पर टहलते रहे। सूचना के बाद रेलवे स्टॉफ ने पंखे चालू कराए तब लोगों को राहत मिली।
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- फोटो : अमर उजाला।
प्लेटफॉर्म एक पर ट्रेन दोपहर 12:10 बजे आ गई। करीब आधे घंटे बाद कोच के दरवाजे खोल दिए गए, लेकिन पंखे नहीं चलाए गए। उधर, जिला प्रशासन की ओर से लाए गए, श्रमिक और उनके घरवाले कोच में बैठने लगे।
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काफी देर तक इंतजार के बाद भी पंखे नहीं चले तो परेशानी बढ़ गई। महिलाएं हाथ का पंखा चलाकर राहत पाने की कोशिश करती रहीं। दोपहर बाद पौने तीन बजे रेलवे कर्मचारी आए और तब जाकर पंखे चलाए गया। ट्रेन शाम 4:40 बजे दुर्ग के लिए रवाना हुई।
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ट्रेन में सवार हुई राजकुमारी ने बताया कि इतनी गर्मी में पंखा नहीं चला रहे हैं, पसीने से लथपथ हो गए हैं। हाथ का पंखा साथ लाए थे, उसी से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं।
भोला ने कहा कि प्लेटफॉर्म पर खड़े रेलवे के लोगों से कहा गया है, लेकिन कोई फायदा नहीं। जब कोच में नहीं रहा गया तो बाहर चले गए। लेकिन, फिर वहां से आरपीएफ ने कोच में भेज दिया।