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Dengue Alert: गोरखपुर में बाढ़ के बाद डेंगू का वार, टूटा सात साल का रिकॉर्ड

Fri, 04 Nov 2022 12:06 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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dengue alert - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले में असमय बाढ़ के बाद डेंगू ने भी वार किया है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार को हुई जांच में डेंगू के आठ संक्रमित मिले हैं। इसके बाद से जिले में कुल मरीजों की संख्या 177 पहुंच गई है, जो सात सालों में सबसे अधिक है। इनमें छह मरीज नगर निगम और दो मरीज ग्रामीण इलाकों के रहने वाले हैं।

जिला मलेरिया अधिकारी अगंद सिंह ने बताया कि खोराबार के जंगल चवरी का 18 वर्षीय युवक डेंगू पीड़ित मिला है। युवक काफी दिनों से बीमार था। एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके अलावा नीनाथापा झरना टोला की 37 वर्षीय महिला, जानकीनगर की 28 वर्षीय महिला, मानस विहार का 37 वर्षीय युवक, मोहद्दीपुर का 58 वर्षीय व्यक्ति संक्रमित मिला है। वहीं, रसूलपुर का 11 वर्षीय बालक, तिवारीपुर की 22 वर्षीय महिला और चौरीचौरा का 38 वर्षीय युवक डेंगू संक्रमित मिला है। सभी को बुखार के साथ डेंगू के लक्षण थे। किट से जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद पुष्टि के लिए सभी की एलाइजा जांच कराई गई, जहां पर डेंगू की पुष्टि हुई है। मलेरिया अधिकारी ने बताया कि अब तक 137 घरों को नोटिस दिया जा चुका है। साथ ही 32,716 जगहों पर सोर्स रिडक्शन किया गया है।
 
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डेंगू वार्ड - फोटो : अमर उजाला
विभाग के रिकॉर्ड में एक मरीज भर्ती, जिला अस्पताल का डेंगू वार्ड फुल
विभाग आंकड़ों के खेल में जबरदस्त बाजीगरी करने में जुट हुआ है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक डेंगू का एक ही मरीज अस्पताल में भर्ती है। जबकि, जिला अस्पताल का 20 बेड का वार्ड फुल है। मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड तक नहीं मिल रहे हैं। यह हाल तब है, जब लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके बाद भी विभाग भर्ती मरीजों का सही आंकड़ा बताने में झूठ बोल रहा है।

 
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डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज - फोटो : अमर उजाला
80 फीसदी नमूनों में मिला है डेंगू-टू स्ट्रेन
गोरखपुर जिले में डेंगू-टू स्ट्रेन कहर बरपा रहा है। मरीज इसी स्ट्रेन से पीड़ित हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह स्ट्रेन कम घातक है। रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) के शोध में इसका खुलासा हुआ है। आरएमआरसी ने डेंगू के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए जीनोम सीक्वेंसिंग कराई है। इसके लिए 40 नमूनों की सीक्वेंसिंग कराई गई। जिनमें 38 नमूनों में डेंगू-टू स्ट्रेन मिला है। आरएमआरसी के मीडिया प्रभारी डॉ. अशोक पांडेय ने बताया कि इस वर्ष अब तक करीब 300 नमूने डेंगू के पहुंचे थे। सभी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें रैंडम 40 नमूनों में डेंगू के स्ट्रेन की पहचान के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग की गई। इसमें डेंगू-टू स्ट्रेन की पुष्टि हुई है।

 

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डेंगू वार्ड। - फोटो : अमर उजाला

बीते दस वर्षों में मिले डेंगू के मरीज

वर्ष                       मरीज
2012                     44
2013                     89
2014                     14
2015                     32
2016                    168
2017                     11
2018                     25
2019                    114
2020                    09
2021                    67
2022                    177

 
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नगर आयुक्त अविनाश सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
बढ़ रहे डेंगू के मरीज, नाकाफी साबित हो रही फॉगिंग
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन, शहरी क्षेत्र में डेंगू के प्रकोप पर नियंत्रण के लिए नगर निगम की फॉगिंग नाकाफी साबित हो रही है। कई ऐसे इलाकों में भी टीम नहीं पहुंच रही, जहां पर डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। इस बात को शहर के व्यापारी अधिकारियों के समक्ष भी उठा चुके हैं। वहीं, दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी केवल कागजों में एंटी लार्वा का छिड़काव कर वाहवाही लूटने में जुटी है। दूसरी तरफ विभाग का अलग तर्क है कि बाढ़ की वजह से डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। जबकि, शहर में बाढ़ का असर न के बराबर रहा है। वहीं नगर निगम के मुताबिक बारिश का पानी भी इस बार क्षेत्रों में जमा नहीं हुआ है। इसके बाद भी डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार बीमारी के प्रकोप की गंदगी और फॉगिंग का न होना है।

नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि शहर में लगातार आ रहे डेंगू के मामलों को देखते हुए इनकी रोकथाम के लिए नगर निगम जुट गया है। निगम की टीम की ओर से बृहस्पतिवार को शहर के विभिन्न इलाकों में सोडियम हाइपोक्लोराइड एवं एंटीलार्वा का छिड़काव कराया गया। इसके लिए नगर निगम की ओर से प्रत्येक जोन में एक-एक वाहन के अलावा छह वाहन लगाए गए हैं।

 
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