प्रतीकात्मक तस्वीर
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हत्याकांड के दिन गोबर के विवाद को लेकर रंजीत के दो बेटे विनोद और मनोज असलहा लेकर राणा सिंह के ऊपर तान दिए। अभी कोई समझ पाता कि राणा पक्ष के लोगों ने फायरिंग कर दी। जिसमें बाप रंजित और दोनों बेटों (विनोद और मनोज) की मौके पर ही मौत हो गई। पल भर में पूरा प्रशासनिक अमला जैतपुर पहुंच गया, उस दिन के बाद से ही बाजार पर ताला लग गया। इस मामले में अमटौरा गांव के एक ही परिवार के राणा सिंह, विजयेंद्र सिंह, बाल मुकुंद, ओमप्रकाश, विक्की और लड्डू को आरोपी बनाया गया था।