प्रतीकात्मक तस्वीर।
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बदमाश राघवेंद्र के खौफ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि परेशान अफसरों ने उसकी वारदात को रोकने के लिए जिले में एक नई चौकी स्थापित कर दी मगर राघवेंद्र नहीं पकड़ा गया। आज भी पुलिस उसकी तलाश में है। साथ ही राघवेंद्र को पकड़ने के लिए एसटीएफ और जिले की क्राइम ब्रांच नई हिकमत लगा रही है। वहीं चार साल से फरार चल रहे बदमाश को संरक्षण देने के आरोप में पुलिस उसकी मां, बहन-बहनोई व कई रिश्तेदारों को जेल भेज चुकी है।