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पीडब्लूडी कांड से सुर्खियों में आया था यूपी का ये बदमाश, राजनीति में भी रही है इसकी धमक

Sun, 07 Feb 2021 03:35 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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माफिया विनोद उपाध्याय। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के माफिया विनोद उपाध्याय के साथ ही उसके गुर्गों की संपत्ति का भी ब्योरा पुलिस जुटाएगी। पुलिस को पता चला है कि विनोद ने कई प्रापर्टी अपने गुर्गों के नाम पर बनाई है। उधर, अब तक नौ बदमाशों की करीब दो करोड़ रुपये की संपत्ति समाने आ चुकी है। इस पर प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई हो चुकी है। कई पर कार्रवाई बाकी है। इस सूची में ललकू यादव, विनोद उपाध्याय जैसे बदमाश भी शामिल हैं। डीआईजी/एसएसपी ने विनोद उपाध्याय के साथ काम करने वालों की संपत्ति खंगालने का आदेश दिया है, जो भी उसके साथ मुकदमे में रहे सभी की संपत्ति पर पुलिस की नजर है। 
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माफिया विनोद उपाध्याय। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, अब तक पुलिस की ओर से गोरखनाथ निवासी विनोद उपाध्याय की करीब 50 लाख की संपत्ति, बड़हलगंज के खडेसरी गांव निवासी ललकू यादव उर्फ लाल बाबू यादव की दो कार कीमत 13 लाख 69 हजार 130 रुपये की संपत्ति, बेलीपार के महाडीह निवासी सूरज पासवान का एक ट्रैक्टर, एक ट्राली, कृषि यंत्र, पक्का मकान कुल मिलाकर 13 लाख 45 हजार रुपये की संपत्ति, बेलीपार के डंवरपार निवासी अर्जुन पासवान का चार, चार पहिया वाहन, जमीन व अन्य संपत्ति मिलाकर 96 लाख 75 हजार रुपये की संपत्ति, झंगहा के शेषनाथ यादव की बीस लाख रुपये की जमीन, बड़हलगंज इलाके के शैलेश यादव का छह कमरों का मकान, जिसकी कीमत करीब 25 लाख रुपये, गीडा इलाके के चिरैयाडाड़ निवासी सोनू उर्फ सूरज यादव का वाहन व जमीन जिसकी कीमत 70 लाख है, बड़हलगंज के भेड़ीडीह निवासी मयंक उर्फ मैक्स दुबे का मकान और जमीन, जिसकी कीमत बीस लाख रुपये, बड़हलगंज के मारकंडेय यादव की 23.5 लाख रुपये की संपत्ति पर कार्रवाई हो चुकी है।
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माफिया विनोद उपाध्याय। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
पीडब्लूडी कांड से सुर्खियों में आया था विनोद
साल 2007 में पीडब्ल्यूडी दफ्तर के सामने गैंगवार की घटना से विनोद उपाध्याय सुर्खियों में आया था। तब विनोद उपाध्याय गैंग पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। इसमें रिपुंजय राय और सत्येंद्र की मौत हो गई थी। हमले का आरोप लालबहादुर यादव गैंग पर लगा था। इस मामले में अजीत शाही, संजय यादव, इंद्रकेश पांडेय, संजीव सिंह समेत छह लोग जेल गए थे।

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माफिया विनोद उपाध्याय। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
बसपा से लड़ा था चुनाव, दर्ज हैं कई मुकदमे
साल 2007 में पीडब्ल्यूडी कांड से सुर्खियों में आए विनोद उपाध्याय पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह बसपा के टिकट पर शहर विधानसभा का चुनाव लड़ चुका है। अपने रसूख के दम पर उसने 2001 में शाहपुर थाने से फर्जी तरीके से रिपोर्ट लगवाकर असलहे का लाइसेंस हासिल कर लिया था।
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सत्यव्रत राय व विनोद उपाध्याय।(फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
विनोद उपाध्याय, माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला के करीबी सत्यव्रत राय का करीबी रह चुका है। बाद में रुपये के लेनदेन को लेकर उसका विवाद हो गया था। विनोद पर हत्या, हत्या की कोशिश सहित 26 मुकदमे दर्ज हैं। अंतिम दो मुकदमे कोतवाली थाने में दर्ज हुए थे। एक व्यापारी से रंगदारी का और दूसरा गैंगस्टर का। गोरखनाथ में पांच, शाहपुर में छह, कैंट में नौ, कोतवाली में दो, संतकबीरनगर के बखिरा में दो, लखनऊ के हजरतगंज में एक मुकदमा दर्ज है। विनोद गोरखनाथ थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। उस पर चार बार गैंगस्टर की कार्रवाई हो चुकी है।
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