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काजल हत्याकांड: पांच दिनों तक मौत से लड़ने के बाद हार गई थी लाडली, पुलिस ने एनकांउटर कर दिलाया इंसाफ

Fri, 10 Sep 2021 03:06 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

जानकारी के मुताबिक, 20 अगस्त की रात रुपयों के लेनदेन के विवाद में आरोपी विजय प्रजापति अपने साथियों के साथ राजू नयन सिंह के घर पर धावा बोल दिया था। वहां पर विवाद होने पर उसने राजू नयन की पिटाई शुरू कर दी थी।
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काजल गोलीकांड। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गगहा इलाके के जगदीशपुर भलुआन गांव में बदमाशों की गोली से घायल दसवीं की छात्रा काजल सिंह की मौत से पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी। वहीं घटना के अपराधियों को नहीं पकड़ पाने के कारण पुलिस की बहुत किरकिरी हो रही थी। यह हाल तब था जब गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें बनाई गई थीं। अंतत: पुलिस ने गुरुवार देररात एक लाख के इनाम आरोपी विजय प्रजापति को एनकांउटर में मार गिराया। बता दें कि तमाम नेताओं समेत क्षेत्र के लोग काजल को इंसाफ दिलाने की मांग कर रहे थे।

जानकारी के मुताबिक, 20 अगस्त की रात रुपयों के लेनदेन के विवाद में आरोपी विजय प्रजापति अपने साथियों के साथ राजू नयन सिंह के घर पर धावा बोल दिया था। वहां पर विवाद होने पर उसने राजू नयन की पिटाई शुरू कर दी थी। पिता की पिटाई होती देख काजल ने इसका विरोध करते हुए वीडियो बनाना शुरू कर दिया था। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी कहानी...
 
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काजल हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला।
इसपर विजय ने काजल को दौड़ाकर तमंचे से उसे गोली मार दी थी। वारदात कर सभी आरोपी काजल का मोबाइल लेकर फरार हो गए थे। घायल काजल ने लखनऊ में इलाज के दौरान 25 अगस्त को दम तोड़ दिया था।

 
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मृत छात्रा काजल की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
बहादुर बेटी की मौत से नम हुईं सबकी आंखें
पिता की पिटाई कर रहे लोगों का वीडियो बनाने पर काजल को बहादुर बोला जा रहा था। लेकिन वह बहादुर बेटी जिंदगी की जंग हारकर घर पहुंची तो सबकी आंखें नम हो गई थी। घर, रिश्तेदार, आसपास के लोग काजल का शव देखकर फफक पड़े। लोगों ने कहा कि काजल हमेशा सबकी यादों में जिंदा रहेगी।

 

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काजल का शव घर पहुंचने पर जुटी लोगों की भीड़। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
काजल अपने माता-पिता की एकलौती संतान थी। उम्र के इस पढ़ाव पर संतान को गंवाने का दुख परिवार सहन नहीं कर पा रहा था। वहीं काजल के परिजनों के साथ गए गगहा थाने के दरोगा अमित चौधरी ने भी उसकी जान बचाने के लिए भरपूर कोशिश की थी। उन्होंने रक्तदान भी किया था, ताकि उसका ऑपरेशन सफल हो सके, पर तमाम कोशिशें बेकार हो गई थी।
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काजल गोलीकांड। - फोटो : अमर उजाला।
वहीं लाडली बेटी की मौत के बाद से ही पिता राजू नयन सिंह का बिलखना देख हर किसी की आंखें भर आ रही थी। आरोपी के मौत के बाद पिता ने कहा कि अब जाकर मेरी बेटी के आत्मा को शांति मिली होगी।
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