उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में अफरा-तफरी के बीच गुरुवार को 33 हजार से अधिक लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। 114 बूथों पर लोगों ने कोविड का टीका लगवाया। कुछ बूथों पर वैक्सीन की कमी के चलते लोग हंगामा भी किए और बगैर टीका लगवाए ही घरों को लौट गए।
जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और संक्रामक रोग अस्पताल में टीका लगवाने के लिए लोगों की जबरदस्त भीड़ थी। लोग सुबह सात बजे से ही कतार में लग गए थे। इसके बाद भी लोगों को पांच से छह घंटे के बाद टीका लग सका। टीका लगवाने को लेकर इन बूथों पर कहासुनी भी हुई। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चरगांवा के अधीन जंगल औराही के पंचायत भवन पर बनाए गए टीकाकरण केंद्र पर ग्रामीणों ने हंगामा किया। बताया जाता है कि पंचायत भवन पर टीकाकरण के लिए 200 डोज ही भेजा गया था जबकि एक हजार से अधिक लोग मौके पर पहुंचे थे।
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गोरखपुर में कोरोना वैक्सीनेशन।
- फोटो : अमर उजाला।
इस बीच लोगों को जब पता चला कि टीका कम है तो लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच अन्य ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया। तब जाकर टीकाकरण शुरू हो सका।
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गोरखपुर में कोरोना वैक्सीनेशन।
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प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. धनंजय कुशवाहा ने बताया कि चरगांवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को मात्र 1200 टीके का डोज ही मिला था। इसमें जंगल औराही सहित चरगांवा विकास खंड के छह ग्राम पंचायतों को 200-200 डोज दे दिया गया था।
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गोरखपुर में कोरोना वैक्सीनेशन।
- फोटो : अमर उजाला।
इसी तरह पाली ब्लॉक के नेवास गांव में कोरोना का टीका लगवाने के लिए लोगों की जबरदस्त भीड़ उमड़ी थी। इसकी वजह से स्वास्थ्य कर्मियों को पुलिस बुलानी पड़ी। इस बीच 300 लोगों को कोविड का टीका लगाया गया।
गोरखपुर में कोरोना वैक्सीनेशन।
- फोटो : अमर उजाला।
इसी तरह झरना टोला, मोहद्दीपुर, तारामंडल में बनाए गए बूथों पर भी जबरदस्त भीड़ थी। यहां भी लोगों को निराश लौटना पड़ा है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि टीकाकरण के लिए लोग आगे आ रहे हैं। यह सुखद है। बूथों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।