बेड का इंतजार और टेस्ट रिपोर्ट में देरी कोरोना की बीमारी को बढ़ा रही है। गोरखपुर में प्रतिदिन संक्रमण के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। इसकी वजह से सरकारी और निजी अस्पतालों की व्यवस्था चरमरा गई है। मरीजों को न तो बेड मिल पा रहा है और न ही होम आइसोलेशन में सही से निगरानी। इलाज के अभाव में बीमारी बढ़ती जा रही है और लोग संक्रमण की चपेट में आ भी रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग कुछ कर नहीं पा रहा है। इसकी प्रमुख वजह विभाग के पास संसाधनों की कमी है। इतना ही नहीं अव्यवस्था ऐसी है कि रिपोर्ट के इंतजार में चार से पांच दिन बीत जा रहे हैं। इस बीच अगर संक्रमित व्यक्ति की मौत हो जाती है तो इसकी जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है।
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BRD medical college
- फोटो : अमर उजाला
बीआरडी और निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर फुल
बढ़ते मरीजों के बीच सरकारी और निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर अब फुल हो चुके हैं। सामान्य मरीजों के लिए तो कुछ हद तक बेड खाली हैं। लेकिन जिस तरह से मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है कि उस हिसाब से आने वाले तीन से चार दिनों के अंदर सामान्य बेड भी मरीजों को नहीं मिलेंगे। डॉक्टरों का कहना है कि स्थितियां बड़ी खराब हो चुकी हैं। मरीज बढ़ते जा रहे हैं और बेड कम होते जा रहे हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन चार से पांच कोरोना संक्रमित मरीज लौटाएं जा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि बेड खाली नहीं है जबकि बीआरडी में 150 बेड हैं। इसके अलावा छात्रसंघ चौराहा स्थित पैनेशिया हॉस्पिटल में 90 बेड का वार्ड है। इसमें 30 पर वेंटिलेटर की सुविधा भी है। यहां भी एक भी बेड नहीं खाली है। बांबे हास्पिटल में 10 बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा है। यहां भी बेड फुल हो चुका है। फातिमा में वेंटिलेटर के साथ-साथ सामान्य बेड भी फुल हो चुके हैं। कहीं किसी भी निजी अस्पताल में वेंटिलेटर वाले बेड खाली नहीं है।
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कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
रिपोर्ट के लिए चार से पांच दिन का इंतजार
शहर के कई केंद्रों पर कोरोना की एंटीजन और आरटीपीसीआर से जांच हो रही है। आरटीपीसीआर जांच के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। दिव्यनगर के रहने वाले 45 वर्षीय व्यक्ति ने 11 अप्रैल को आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल भेजा था, 16 अप्रैल तक उनकी रिपोर्ट नहीं आई थी। इस बीच वह खुद तो संक्रमित हुए ही। साथ ही उनकी पत्नी भी संक्रमण का शिकार हो गई। स्थिति ऐसी हो गई है कि उनके दो बच्चे भी संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। यह कहानी केवल एक परिवार की नहीं है। ऐसे सैकड़ों लोग हैं, जो रिपोर्ट के चक्कर में खुद के साथ पूरे परिवार को संक्रमित कर दे रहे हैं।
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : PTI
अप्रैल में हर दिन बढ़ती जा रही महामारी
पिछले साल अप्रैल का महीना जिलेवासियों के लिए मुसीबत नहीं बना था। लेकिन इस साल का अप्रैल माह हर दिन मुसीबत बढ़ाता जा रहा है। 15 अप्रैल को जिले में रिकॉर्ड 927 मरीज मिल चुके हैं। एक्टिव केस का आंकड़ा पांच हजार के करीब पहुंच चुका है। इसके बाद भी संसाधन और सुविधाएं स्वास्थ्य विभाग बढ़ा नहीं पा रहा है। जिसकी वजह से हालात दिनोंदिन बिगड़ते जा रहे हैं। इतना ही नहीं बीआरडी में पिछले एक सप्ताह की बात करें तो करीब 30 से अधिक संक्रमितों की मौत हो चुकी है।
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सांसद रवि किशन ने जिला अस्पताल स्थित टीबी वार्ड का निरीक्षण किया।
- फोटो : अमर उजाला।
सांसद ने निरीक्षण कर देखी जिला अस्पताल की व्यवस्था
सदर सांसद रवि किशन ने जिला अस्पताल स्थित टीबी वार्ड का निरीक्षण किया। जानकारी ली कि कोविड-19 मरीजों के लिए कितने बेड हैं। सांसद ने जिला अस्पताल के डॉक्टरों को निर्देशित किया कि कोई भी मरीज खाली हाथ नहीं जाना चाहिए। उसका समुचित इलाज होना चाहिए। जिला अस्पताल में वह सुविधाएं मौजूद हैं जो आम जनता के दर्द को दूर कर सकती हैं। कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में कोरोना से जंग जीता जाएगा। कोविड से डरने की जरूरत नहीं है। केवल कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए अपनी बारी आने पर टीका जरूर लगवाएं।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि कोविड मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। उसी अनुसार बेडों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। टीबी अस्पताल सहित अनेक निजी अस्पतालों में बेड बढ़ाए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर और बेड के इंतजाम किए जाएंगे। कुछ और निजी अस्पतालों में जल्द ही इलाज की व्यवस्था शुरू की जाएगी।