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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की स्मृतियों से एक जानकारी साझा की। कहा कि एक बार गुरु जी मंदिर परिसर में भ्रमण कर रहे थे, बिहार का एक लड़का जो यादव जाति का था, उसके हाथ पर कुष्ठ रोक हो गए थे, और उसे परिवार के लोगों ने निकाल दिया था। उस बच्चे ने बताया कि भटकते हुए वह यहाँ तक आया है। बड़े महाराज जी ने उससे कहा क्या तुम पढ़ना चाहते हो, उसने कहा हां, गुरु जी ने कहा कि मैं तुम्हें पढ़ाऊंगा भी और भोजन की व्यवस्था कर दूँगा। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि वह बच्चा आज श्री गोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ महाविद्यालय में संस्कृत का आचार्य है। संस्कृत का ज्ञान जितना उसे अच्छी तरह है इस महाविद्यालय में बहुत कम ही शिक्षक होंगे जो उसके मुकाबले खड़े होंगे।