फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम योगी संन्यासी बनने के बाद ऐसे पहुंचे थे अपने घर, मां ने रोते हुए दिया था ये सामान

Sat, 07 Nov 2020 08:31 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 5
सीएम योगी और उनके माता-पिता। (File) - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के मुखिया व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ अपने काम को लेकर जाने जाते हैं। ऐसे में हम आपको उनकी एक खास कहानी बताने जा रहे हैं, जब वह पहली बार संन्यास ग्रहण अपने गांव गए थे। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...

 
विज्ञापन

2 of 5
योगी आदित्यनाथ। (file photo) - फोटो : अमर उजाला।
योगी आदित्यनाथ 1993 में अपना घर छोड़कर गोरखपुर आए थे। यहां से संन्यास ग्रहण करने के 4 साल बाद वह अपने गांव पंचूर उत्तराखंड पहुंचे। संन्यासी के रूप में योगी आदित्यनाथ की यह पहली पहली यात्रा थी।

 
विज्ञापन

3 of 5
योगी आदित्यनाथ। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
यह यात्रा परिवार को देखने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें एक संन्यासी जीवन का एक महत्वपूर्ण विधान पूरा करना था। वह था अपने माता-पिता से संन्यासी के रूप में भिक्षा लेने का। माता पिता ने अपने संन्यासी पुत्र को यथोचित भिक्षा के रूप में चावल, फल, और सिक्के दिए।

4 of 5
सीएम योगी आदित्यनाथ। फाइल - फोटो : अमर उजाला।
आदित्यनाथ को भिक्षा देते समय उनकी मां फूटफूट कर रोने लगीं। उन्होंने योगी को रोकने की बहुत कोशिश की, कहा कि अब यहां से वापस मत जाओ लेकिन उन्होंने अपना फैसला नहीं बदला। उन्होंने कहा- मां मैं यहां रहने नहीं, भिक्षा लेने आया हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
योगी आदित्यनाथ। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
14 जनवरी 1994 को उन्हें दीक्षा देकर तथा योगी की सभी क्रियाओं को पूरा कर वह 'योगी' बन गए। इसके बाद वह योगी आदित्यनाथ बन गए। उनके वस्त्र आजीवन भगवा रहने वाले थे। भक्त वहीं से उन्हें छोटे महाराज की उपाधि देकर संबोधित करने लगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें