जब पूरी दुनिया कोरोना से डरी-सहमी है, ऐसे में पंचायतों के 'स्वच्छता वॉरियर्स' यानी सफाई कर्मचारी खुद जोखिम उठाकर दूसरों को सुरक्षित करने में जुटे हैं। लॉकडाउन में दोहरी भूमिका निभा रहे ये सफाईकर्मी न केवल गांवों की नालियों, सार्वजनिक स्थानों की सफाई की अपनी नियमित जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं बल्कि क्वारंटीन सेंटरों से लेकर घर-घर पहुंचकर वहां सैनिटाइजेशन भी कर रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें इनकी कहानी...
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लीलावती देवी।
- फोटो : अमर उजाला
गांव में कौन दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा आदि प्रांतों से लौटा है इसकी भी सूचना पंचायतीराज और स्वास्थ्य विभाग को सौंप उनका भी हाथ बंटाने में इन सफाई कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कौड़ीराम ब्लॉक की लीलावती देवी कहती हैं कि डर तो लगता है लेकिन अगर हम लोग ही पीछे हट जाएंगे तो सफाई कौन करेगा, दवाओं का छिड़काव कौन करेगा। इस मुश्किल घड़ी में सभी मिलकर लड़ेंगे तभी इस मुसीबत से छुटकारा पा सकेंगे।
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प्रह्लाद शर्मा।
- फोटो : अमर उजाला
पाली ब्लॉक के प्रह्लाद शर्मा कहते हैं कि काम बढ़ गया है लेकिन यह वह समय नहीं है जब काम के घंटे देखे जाएं। गांव, समाज सुरक्षित रहे, यह हम लोगों की पहली प्राथमिकता है। यह ऐसा वक्त है जहां लापरवाही की गुंजाइश ही नहीं बनती है।
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प्रभावती।
- फोटो : अमर उजाला
गोला ब्लॉक की प्रभावती बताती हैं कि घर से निकलते हैं तो परिवार के सदस्य चिंता में डूब जाते हैं। हर कोई इस समय डरा है। लेकिन तसल्ली मिलती है कि महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। क्षेत्र का कोई घर नहीं छूटता जहां सैनिटाइजेशन नहीं कर रहे।
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वीरेंद्र कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
ब्रह्मपुर ब्लाक के वीरेंद्र कुमार कहते हैं कि जिम्मेदारी बढ़ गई है। पहले क्षेत्र की सफाई करते हैं फिर घरों, दुकानों, बाजारों में दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं। विभाग और क्षेत्र के लोगों का बहुत स्नेह और सहयोग मिलता है। बस एक ही दुआ है जल्द सब सामान्य हो जाए।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि गांवों में तैनात सफाई कर्मचारी पूरी तन्मयता और संजीदगी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें तीन-तीन मास्क और स्वच्छता किट दिए गए हैं। सभी का मनोबल भी बढ़ाया जा रहा। लोग भी उनके कामों की तारीफ कर रहे।