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चिल्लूपार विधानसभा: यहां भाजपा-सपा को नहीं मिला जीत का स्वाद, इस बाहुबली का रहा है राज

Mon, 24 Jan 2022 03:25 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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पंडित हरिशंकर तिवारी। (फाइल) - फोटो : Fb @hari shankar tiwari
गोरखपुर जिले के चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र के चुनाव में भाजपा और सपा को कोई खास कामयाबी नहीं मिली है। पिछले दो चुनावों के नतीजे देखे जाएं तो दोनों प्रमुख राजनीतिक दल दूसरे या फिर तीसरे स्थान के लिए संघर्ष करते दिखे हैं। अनुसूचित व ब्राह्मण बहुल इस सीट पर पिछले 15 वर्षों (2007-2017) से बसपा का राज है। 2017 में बसपा के टिकट पर चुनाव जीते विनय शंकर तिवारी ने अब सपा का दामन थाम लिया है। इससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है। भाजपा, बसपा व कांग्रेस मजबूत प्रत्याशी उतारकर लड़ाई को रोचक बनाने में जुटे हैं। हालांकि, अभी किसी राजनीतिक दल ने अधिकृत प्रत्याशी के नाम का एलान नहीं किया है।

चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र के चुनाव का इतिहास खंगालने पर वयोवृद्ध बाहुबली हरिशंकर तिवारी का नाम बार-बार, उभरकर सामने आता है। हरिशंकर तिवारी इस सीट से लगातार 22 वर्षों (1985 से 2007) तक विधायक रहे हैं। पहला चुनाव 1985 में निर्दलीय लड़ा था, फिर अलग-अलग राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव लड़कर जीतते रहे हैं। तीन बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर जीते व यूपी सरकार में मंत्री भी बने थे। 2007 के चुनाव में बसपा ने राजेश त्रिपाठी को अपना प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतार दिया।

 
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पंडित हरिशंकर तिवारी। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
हरिशंकर तिवारी अखिल भारतीय राष्ट्रीय लोकतांत्रिक दल (एबीएलटीसी) के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में हरिशंकर खिसक कर तीसरे स्थान पर पहुंच गए थे। इसी का नतीजा रहा कि बसपा ने राजेश त्रिपाठी को मंत्री बना दिया। 2012 का चुनाव भी बसपा के राजेश त्रिपाठी ने जीता था, लेकिन 2017 के चुनाव में उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा था।

2017 के विधानसभा चुनाव में कुल मतदान 51.06 फीसदी

पार्टी मिले मत फीसदी
बसपा 78,177 35.89
भाजपा 74,818 34.29
सपा-कांग्रेस (संयुक्त प्रत्याशी)55,422 25.45
निषाद पार्टी 3,241 1.49

 
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चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला

1.15 फीसदी मतदाताओं ने दबाया था नोटा का बटन

इस चुनाव में 2,512 मतदाताओं ने नन ऑफ द एबव (नोटा) का बटन दबाया, जो कुल मतदान का 1.15 फीसदी था। नौ प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे। प्रमुख दल के प्रत्याशियों को छोड़ दें तो ज्यादातर की जमानत जब्त हो गई थी।

3,359 मतों के अंतर से मिली थी बसपा को जीत

विधानसभा क्षेत्र में 4,31,450 मतदाता थे। इनमें से 2,20,317 मतदाताओं ने वोट डाले थे। सर्वाधिक मत पाकर बसपा प्रत्याशी विनय शंकर तिवारी विजयी रहे। भाजपा प्रत्याशी राजेश त्रिपाठी दूसरे स्थान पर थे। हालांकि जीत का अंतर बहुत ज्यादा नहीं था। 3,359 मतों के अंतर से बसपा को जीत मिली थी।
 

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला

2012 के विधानसभा चुनाव में कुल मतदान 49.98 फीसदी

पार्टी   मिले मत  फीसदी
बसपा 61,639 30.81
सपा 50,486 25.23
एबीएलटीसी 45,203 22.59
भाजपा 16,042 8.02

भाजपा प्रत्याशी की जमानत हो गई थी जब्त

चुनाव में 4,00,304 मतदाता थे। इनमें से 2,00,086 वोट डाले गए। सर्वाधिक वोट पाकर बसपा प्रत्याशी राजेश त्रिपाठी विजयी हो गए। सपा प्रत्याशी सीपी चंद दूसरे स्थान पर रहे। बसपा को 11,153 वोटों के अंतर से जीत मिली थी। चुनाव मैदान में 19 प्रत्याशी उतरे थे। ज्यादातर प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। अखिल भारतीय लोकतांत्रित कांग्रेस (एबीएलटीसी)हरिशंकर तिवारी तीसरे व भाजपा प्रत्याशी रहे विजय कुमार चौथे स्थान पर थे। भाजपा प्रत्याशी भी अपनी जमानत नहीं बचा सके थे।

 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock

अब तक चुने गए विधायक

2017: बसपा से विनय शंकर तिवारी (अब सपा में चले गए)।
2012: बसपा से राजेश त्रिपाठी
2007: बसपा से राजेश त्रिपाठी
2002: एबीएलटीसी से हरिशंकर तिवारी
1996: एआईआईसी (टी) से हरिशंकर तिवारी
1993: कांग्रेस से हरिशंकर तिवारी
1991: कांग्रेस से हरिशंकर तिवारी
1989: कांग्रेस से हरिशंकर तिवारी
1985: निर्दलीय हरिशंकर तिवारी
1980: आईएनसी (आई) से भृगुनाथ
1977: जेएनपी से कल्पनाथ सिंह।
1974: कांग्रेस से भृगुनाथ


चिल्लूपार विधानसभा एक नजर में

2022 के विधानसभा चुनाव में मतदाता
कुल मतदाता 4,26,424
पुरुष-2,30,349
महिला-1,96,071
थर्ड जेंडर-04


 
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सांकेतिक - फोटो : सोशल मीडिया।

नेताओं ने क्या कहा

भाजपा की चुनावी तैयारी पूरी है। एक-एक मतदाता के घर जाकर मोदी-योगी सरकार की उपलब्धियां बताई जा रही हैं। जनता खुश है। जनता ही चाहती है कि दोबारा भाजपा की सरकार बने। इस बार जातीय गोलबंदी काम नहीं आएगी। जनता काम के नाम पर वोट देगी। 2017 से बड़ी जीत मिलेगी। -प्रदीप शुक्ला, क्षेत्रीय महामंत्री, भाजपा।

चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र बसपा का गढ़ है। वोटरों के स्नेह की बदौलत पिछले 15 वर्षों से जीत दर्ज कर रहे हैं। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। संगठन मजबूती से काम कर रहा है। एक-एक मतदाता तक पहुंचा जा रहा है। बसपा सरकार का शासन सबको याद है। फिर मौका मिलेगा। -संतोष कुमार जिज्ञासु, जिलाध्यक्ष, बसपा।

चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहा है। अब न्याय व ग्राम पंचायत स्तर पर संगठन काम कर रहा है। मतदाताओं को कांग्रेस सरकार की नीतियों की जानकारी दी जा रही है। महिलाओं को ज्यादा टिकट व रोजगार के वादों को बताया जा रहा है। जनता इसे पसंद कर रही है। -निर्मला पासवान, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस।

सपा ने हर बार मजबूती से चुनाव लड़ा है। इस चुनाव में भी दमदार प्रत्याशी उतारा जाएगा। चुनावी तैयारी पूरी है। मतदाताओं से संपर्क किया जा रहा है। विधानसभा क्षेत्र की इकाई सक्रियता से काम कर रही है। विधानसभा चुनाव में सपा को बड़ी जीत मिलने वाली है। अखिलेश यादव फिर मुख्यमंत्री बनेंगे।-अवधेश यादव, जिलाध्यक्ष, सपा।
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