असुरन चौक के पास जिला प्रशासन द्वारा तोड़ी जा रही दुकानें।
- फोटो : अमर उजाला।
दवा कारोबारी की हजारों की दवाएं भी कार्रवाई के दौरान बर्बाद हो गईं। कार्रवाई में शृंगार की एक निजी दुकान भी ध्वस्त हो गई। कुछ इसे अतिक्रमण बता रहे थे। हालांकि दुकानदार इसे निजी संपत्ति बताकर विरोध करते हुए दिखे। दुकानदारों ने कहा कि डबल इंजन की सरकार गरीबों का उत्पीड़न कर रही है। कार्रवाई के दौरान एडीएम सिटी विनीत सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार, सहायक अभियंता रोनित सिंह, नगर निगम के तहसीलदार सतीश श्रीवास्तव, आरआई अवध श्रीवास्तव, राम सुचित, अनिल सिंह आदि उपस्थित रहे।
इसे भी पढ़ें: भारत-नेपाल बॉर्डर पर अमृतपाल और पपलप्रीत के लगे पोस्टर, खुफिया विभाग अलर्ट
कार्रवाई के दौरान जाम से भी लोग हुए परेशान
ध्वस्तीकरण के दौरान असुरन से बिछिया, पिपराइच रोड के साथ मेडिकल रोड पर गाड़ियों का लंबा रेला लग गया। इसकी वजह से लोगों को परेशानी भी झेलनी पड़ी। दरअसल, कौवाबाग पुलिस चौकी के अलावा मेडिकल कॉलेज रोड पर भी चौपहिया वाहनों को जाने से रोक दिया गया था। हालांकि ट्रैफिक पुलिस के जवान और पुलिस के जिम्मेदार सक्रिय नजर आए। स्कूली बसों को भी लंबा चक्कर लगाना पड़ा। हर कोई कार्रवाई की तस्वीर मोबाइल में कैद करता दिखा।