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मातम: जिंदगी की जंग हारकर घर पहुंचा बहादुर बेटी का शव तो रो पड़ा पूरा गांव, लोग बोले- यादों में हमेशा जिंदा रहेगी लाडली

Thu, 26 Aug 2021 06:15 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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काजल गोलीकांड। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गगहा इलाके के जगदीशपुर भलुआन गांव में बदमाशों की गोली से घायल काजल सिंह (17) की मौत से पूरे इलाके में मातम छा गया है। वह दसवीं की छात्रा थी, जो मां-बाप की दुलारी थी, सब उसकी जिंदगी के लिए दुआ भी कर रहे थे। मगर कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। पिता की पिटाई कर रहे लोगों का वीडियो बनाने पर उसे बहादुर भी बोला जा रहा था। लेकिन वह बहादुर जिंदगी की जंग हारकर घर पहुंची तो सबकी आंखें नम हो गईं। घर, रिश्तेदार, आसपास के लोग काजल का शव देखकर फफक पड़े। लोगों ने कहा कि काजल हमेशा सबकी यादों में जिंदा रहेगी। वहीं आरोपी पड़ोसी विजय प्रजापति पर लोगों का गुस्सा भी है, जिसने काजल को इस हाल में पहुंचाया। शव पहुंचने के दस मिनट बाद ही अंत्येष्टि के लिए लेकर परिजन बड़हलगंज स्थित मुक्तिपथ चले गए। इस दौरान बड़हलगंज, गगहा, बेलीपार पुलिस गांव के आसपास मौजूद रही। 
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मृत काजल व आरोपी विजय की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, हत्या करने के बाद आरोपी विजय ने गांव में ही एक शख्स के घर पर पूरी रात गुजारी है। इस बात का खुलासा होने के बाद पुलिस ने शरण देने वाले दो आरोपियों को भी उठा लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गांव वालों ने बताया कि काजल को गोली लगने के बाद से ही सभी उसकी बहादुरी की सराहना कर रहे थे और जिंदगी की दुआ भी।
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काजल का शव घर पहुंचने पर जुटी लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
एक रिश्तेदार के जरिए काजल की मौत की सूचना मिली तो गांव में गम का माहौल छा गया है। उधर, इस घटना से दुखी तो सभी हैं लेकिन विजय का खौफ भी नजर आ रहा है। लोग खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। विजय उस रात गांव में था यह जानकारी भी पुलिस को गोपनीय तरीके से मिली।

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काजल का शव घर पहुंचने पर जुटी लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
दरोगा ने खून देकर जान बचाने की कोशिश की थी
काजल के परिजनों के साथ गए गगहा थाने के दरोगा अमित चौधरी ने भी उसकी जान बचाने के लिए भरपूर कोशिश की थी। उन्होंने रक्तदान भी किया था, ताकि उसका ऑपरेशन सफल हो सके, पर तमाम कोशिशें बुधवार को बेकार हो गईं जब काजल ने आखिरी सांस ली। दरोगाऔर रिश्तेदार काजल के माता-पिता को संभालने की कोशिश में लगे रहे।
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मृत छात्रा काजल की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
मेधावी छात्रा थी काजल
राजू नयन सिंह की पुत्री काजल आरपीएम स्कूल कौड़ीराम में कक्षा 10वीं की छात्रा थी। आरपीएम स्कूल कौड़ीराम के प्रधानाचार्य राजीव रंजन सिंह ने बताया कि काजल एक होनहार और प्रतिभाशाली छात्रा थी। खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी उसकी विशेष रुचि थी।
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गोली लगने से घायल काजल व उसके पिता। - फोटो : अमर उजाला।
ये हुई थी घटना
काजल के पिता राजू नयन सिंह बांसगांव कचहरी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। उनका विजय प्रजापति से रुपये के लेनदेन का विवाद था। आरोप है कि 20 अगस्त की रात विजय प्रजापति अपने चार साथियों के साथ आया और दरवाजा खुलवाया। राजू नयन के बाहर आते ही दबंगों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। काजल पिता की पिटाई का वीडियो बनाने लगी। इस पर विजय प्रजापति उग्र हो गया और उसे दौड़ाकर पेट में गोली मार दी थी। गोली की आवाज सुनकर पहुंचे लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस घायल काजल को स्वास्थ्य केंद्र फिर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची। अधिक रक्तस्राव होने के कारण मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया था। लखनऊ में सोमवार को काजल का ऑपरेशन भी हुआ, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। पेट में फंसी गोली को नहीं निकाला जा सका और बुधवार को उसकी मौत हो गई।
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