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बलराम अपहरण हत्याकांड: पुलिस ने इस वजह से गंभीरता से नहीं लिया ये केस, ये हीलाहवाली पड़ी जिंदगी पर भारी

Tue, 28 Jul 2020 10:01 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
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balram kidnapping murder case - फोटो : अमर उजाला
यूपी में अपराध बेकाबू होने के आरोपों का विपक्ष का स्वर अभी मंद भी नहीं पड़ा था कि रविवार रात बदमाशों ने ‘छोटी राजधानी’ में एक पान कारोबारी के 12 वर्षीय इकलौते पुत्र की अपहरण के बाद हत्या कर दी। अपहर्ताओं ने बच्चे की सकुशल वापसी के लिए एक करोड़ की फिरौती मांगी थी। बच्चे का शव सोमवार शाम घर से करीब सात किलोमीटर दूर नाले में फेंके गए एक बोरे में मिला। 
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
शुरूआती जांच में माना जा रहा है कि जहरीला इंजेक्शन देकर रविवार को ही बच्चे को मौत के घाट उतार दिया गया था। पुलिस ने अपहरण और हत्या के संदेह में एक महिला समेत चार लोगों को उठाया है। इन्हीं में से एक की निशानदेही पर ही पुलिस ने शव बरामद किया था। पुलिस के मुताबिक, वारदात का शिकार किशोर बलराम गुप्ता (12) जंगल छत्रधारी के मिश्रौलिया टोला का रहने वाला था। उसके पिता महाजन गुप्ता घर में ही पान की दुकान चलाते हैं। जमीन का भी कारोबार करते हैं। चार बहनों का इकलौता भाई बलराम, रविवार दोपहर 12 बजे खाना खाने के बाद दोस्तों के साथ खेलने की बात कहकर घर से निकला था। 
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मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
उसके बाद नहीं लौटा। दोपहर में तीन बजे के करीब एक अंजान नंबर से महाजन गुप्ता के पास फोन आया। फोन करने वाले ने उनसे कहा कि तुम्हारे बेटे बलराम का अपहरण कर लिया गया है। साथ ही धमकाया कि एक करोड़ रुपये की फिरौती नहीं मिली तो बच्चे को कत्ल कर दिया जाएगा। महाजन ने जैसे-तैसे खुद को संभाला और रुपये का इंतजाम करने की बात कहकर फोन काट दिया। इसके बाद अपहर्ता का मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया। हालांकि दस-दस मिनट के अंतराल पर उसका मोबाइल ऑन होता और धमकी भरा फोन आता था।
 

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मृतक के घर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
एक करोड़ की फिरौती देने की माली हालत न होने की वजह से घरवालों को फोन करने वाले की बात पर भरोसा नहीं हुआ। शायद किसी ने मजाक किया हो, ये सोचकर वे बलराम को गांव में तलाश करने लगे। पता नहीं चलने पर शाम पांच बजे के करीब पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी। इसके बाद एसएसपी ने स्थानीय पुलिस, क्राइम ब्रांच के साथ ही एसटीएफ को भी जांच में लगाया। मोबाइल फोन नंबर के आधार पर पुलिस ने एक सिम कार्ड विक्रेता, एक मीट विक्रेता समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। देर रात तक पुलिस पूछताछ करती रही, मगर हाथ कुछ नहीं लगा। सोमवार को पुलिस ने एक और शख्स को उठाया। उससे पूछताछ के बाद पुलिस को बलराम की हत्या करके शव बोरे में भरकर फेंके जाने की दिल दहला देने वाली जानकारी मिली। 
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kidnapped student found dead - फोटो : अमर उजाला
35 लाख में बेची थी जमीन
बलराम के पिता महाजन गुप्ता ने 35 लाख रुपये में जमीन बेची थी। आरोपितों को इसकी भनक लग गई थी। इसी रकम में से बीस लाख रुपये पिता देने को भी तैयार थे, मगर उनके बेटे की हत्या कर दी गई। 
 
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मृतक का पिता - फोटो : अमर उजाला
एक करोड़ देने की हैसियत नहीं थी 
अपहरणकर्ताओं ने भले ही महाजन से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी, लेकिन उनकी इतनी हैसियत नहीं थी। जमीन बेचने से जो धनराशि मिली थी वही उनके पास थी। महाजन का कहना था कि यदि अपहरणकर्ताओं की मांगें पूरी कर पाते तो शायद बेटा बच जाता। घर बेचकर भी इतनी धनराशि नहीं जुटा सकते थे।
 
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मृतक की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
एक साथ पहले रिश्तेदार के साथ गया था बलराम
बलराम करीब एक साल पहले अपने रिश्तेदार के साथ चला गया था। इसी वजह से पुलिस शुरुआत से इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही थी। पुलिस की यह हीलाहवाली बलराम की जिंदगी पर भारी पड़ गई।
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