मृतक की फाइल फोटो
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हैसियत नहीं होते हुए भी बेटे की जान बचाने के लिए पिता महाजन गुप्ता एक करोड़ रुपये देने के लिए तैयार हो गए थे, लेकिन बदमाशों की क्रूरता ने कुछ और ही कहानी लिख दी। इसी के साथ पुलिस की नाकामी भी उजागर हो गई। अपहरण की सूचना मिलने के लिए बाद पुलिस की शुरूआती हीलाहवाली ने मासूम की जिंदगी छीन ली।