गोरखपुर शहर में लगे सभी होर्डिंग, बैनर, यूनीपोल (दिशा सूचक), वाल पेंटिंग, लॉलीपॉप (ग्लो पोल), गैंट्री सभी अवैध हैं। बिना नगर निगम को कोई टैक्स चुकाए विज्ञापन एजेंसियां करोड़ों के वारे-न्यारे कर रही हैं, जबकि सभी का टेंडर खत्म हो चुका है। वहीं, नगर निगम की ओर से निकाला गया टेंडर केवल खानापूर्ति साबित हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, करीब तीन साल पहले विज्ञापन से नगर निगम को 2.43 करोड़ रुपये की आय हुई थी। प्रावधान के हिसाब से हर साल विज्ञापन शुल्क में कुछ प्रतिशत की बढ़ोतरी होती रहती है। लेकिन, मामला कोर्ट में जाने के बाद यह अधर में लटक गया। इस दौरान नगर निगम की विज्ञापन से काफी कम आय हुई।
इस फरवरी-मार्च में जमा हुआ था विज्ञापन टैक्स
इस वर्ष फरवरी-मार्च में विज्ञापन एजेंसियों द्वारा टैक्स जमा किया गया था। इसके बाद कोरोना आ गया। फिर नगर निगम की ओर से टेंडर निकाला गया, लेकिन मात्र चार लोगों ने टेंडर भरा। इनमें से सिर्फ एक पात्र पाया गया। इस वजह से री-टेंडर किया गया। इस दौरान सभी एजेंसियां धड़ल्ले से अपने-अपने क्लाइंट से विज्ञापन के पैसे वसूल रही हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...