कोरोना वायरस के नमूने लेते कर्मचारी
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इस श्रेणी के महज दो बेड टीबी अस्पताल में खाली हैं। गंभीर मरीजों (एल-3)के लिए एक भी बेड खाली नहीं है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज, पनेशिया, दुर्गावती, आरके इमरजेंसी व गर्ग हॉस्पिटल के सभी बेड भरे हैं। इस श्रेणी के मरीजों को आईसीयू या फिर वेंटिलेटर युक्त बेड की जरूरत होती है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज का 500 बेड का कोविड वार्ड फुल है। पनेशिया में ही 96 मरीज भर्ती हैं। अगर इन अस्पतालों में मरीजों को भेजा जाता है तो घंटों इंतजार करना पड़ता है। भर्ती होने के इंतजार में मरीज एंबुलेंस में दम तोड़ देते हैं। इस तरह का मामला बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सामने आ चुका है।