गीता प्रेस गोरखपुर।
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गीता प्रेस प्रबंधक लालमणि तिवारी ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता कोई साधारण पुस्तक नहीं है। यह भगवान की वाणी है। इसलिए सेठजी जयदयाल गोयंदका ने सोचा कि अधिक से अधिक लोगों तक गीता तभी पहुंचाई जा सकती है, जब वह सस्ती हो। आज भी गीता प्रेस उनकी इसी सोच पर काम करता है।