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जींस तो हमेशा पहनते होंगे लेकिन क्या इससे जुड़ी इन बातों को जानते हैं आप

Fri, 20 Aug 2021 04:07 PM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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jeans - फोटो : istock
महिला हो या पुरुष जींस लगभग हर एक को पसंद होती है। जहां महिलाओं के लिए जींस की ढेर सारी वैराइटी होती है। वहीं पुरुषों के लिए भी जींस के कई सारे डिजाइन आते हैं। जिन्हें वो अपनी पसंद और फिटिंग के हिसाब से पहनना पसंद करते हैं। लेकिन क्या कभी किसी ने सोचा है कि पहली बार जींस बनाने और पहनने का आइडिया किसके दिमाग में आया होगा।
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गुच्ची जींस - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि जींस बनाने का ख्याल लगभग 148 साल पहले दो पार्टनर जैकब डेविस और लेवी स्ट्रास के दिमाग में आया था। तब उन्होंने इस मोटे कॉटन से बने इस कपड़े को पेटेंट करवाया था। पेटेंट करवाए हुए इस मोटे कॉटन के कपड़े को 'जीन' कहा गया। जो खासतौर पर फैक्ट्री वर्कर और माइनर्स के लिए बनाया गया था। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
मजदूरों के लिए सबसे पहले बनीं इस जीन को मशहूर करने और ऊंचे लोगों तक पहुंचाने का श्रेय दो लोगों को जाता है। मर्लो ब्रांडो और जेम्स डीन, जिन्होंने 1950 के करीब इस खास कपड़े को फिल्म 'द वाइल्ड वन' और 'रिबेल विदआउट ए कॉज' में पहना था। नीले रंग की ये जींस फैशन की दुनिया में एक नया ट्रेंड बन गई थी। उस समय के युवावर्ग ने इस नए फैशन को काफी पसंद किया। 

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tight jeans
कैसे पड़ा इसका नाम
जींस का नाम पड़ने की भी कहानी दिलचस्प है। जींस का नाम इटली के शहर जेनेवा के नाम पर पड़ा। जहां पर बड़े पैमाने पर कॉटन के कपड़ों का निर्माण होता था। 1851 लेवी स्ट्रास जर्मनी से न्यूयार्क आए बड़े भाई के बिजनेस में साथ देने। जो ड्राई गुड्स का स्टोर था। लेकिन कुछ समय बाद लेवी स्ट्रास सैन फ्रांसिस्को में आकर दूसरी ब्रांच खोली और कॉटन के कपड़ों को जैकब डेविस को बेचने लगे। जैकब पेशे से टेलर थे और नेवादा में इन कपड़ों का टेंट, घोड़े का कंबल और कवर वगैरह बनाया करते थे। 
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jeans - फोटो : Social Media
एक दिन उन्होंने अपने एक ग्राहक के लिए एक्सपेरिमेंट किया। जो ऐसा पैंट चाहता था कड़ी मेहनत करने वाले मजदूरों के लिए बना हो। जिसे बार-बार और लंबे समय तक पहना जा सके। जिससे कि वो पैंट फटे ना हो और जल्दी गंदा भी ना हो। ऐसी पैंट बनाने के लिए डेविस ने लेवी स्ट्रास के यहां से लाए हुए उस कपड़े का इस्तेमाल करने के बारे में सोचा। इस तरह से शुरू किए काम को जब लोगों ने पसंद किया तो जैकब ने लेवी से इसे पेटेंट कराने के बारे में कहा। साथ ही एक फैक्ट्री भी शुरू करने के बार में कहा जहां पर इस कपड़े की जींस बन सके।  
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