नेटफ्लिक्स की 700 करोड़ रुपयों की उस तिजोरी का एक हिस्सा भारत के लिए भी खुलने वाला है, जिसके तहत ये ओटीटी समाज के उन लोगों की कहानियों पर फिल्में व सीरीज बनवाता है, जिनकी नुमाइंदगी कथित रूप से सिनेमा में नहीं दिखती। 100 मिलियन डॉलर का ये रचनात्मक भागीदारी का नेटफ्लिक्स फंड कहलाता है। और, अब इसी फंड के तहत नेटफ्लिक्स ने भारत में 10 शॉर्ट फिल्में ऐसे लोगों से बनवाने का फैसला किया है जो 18 साल से ऊपर हो। इन्हें फिल्में बनाना सिखाने वालों की लंबी लिस्ट है और इनमें हिंदी फिल्म उद्योग से अभिषेक चौबे, नीरज घेवन, गुनीत मोंगा, जूही चतुर्वेदी और हंसल मेहता की भागीदारी होने की बात भी नेटफ्लिक्स ने बताई है।