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Take Ten: नेटफ्लिक्स तलाशेगा 10 यंग फिल्ममेकर्स, सिनेमा की मुफ्त पढ़ाई के बाद फिल्म बनाने को मिलेंगे सात लाख रुपये

Mon, 24 Jan 2022 05:05 PM IST
हर्षिता सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सार

नेटफ्लिक्स की 700 करोड़ रुपयों की उस तिजोरी का एक हिस्सा भारत के लिए भी खुलने वाला है, जिसके तहत ये ओटीटी समाज के उन लोगों की कहानियों पर फिल्में व सीरीज बनवाता है, जिनकी नुमाइंदगी कथित रूप से सिनेमा में नहीं दिखती।
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Take Ten Netflix India - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

नेटफ्लिक्स की 700 करोड़ रुपयों की उस तिजोरी का एक हिस्सा भारत के लिए भी खुलने वाला है, जिसके तहत ये ओटीटी समाज के उन लोगों की कहानियों पर फिल्में व सीरीज बनवाता है, जिनकी नुमाइंदगी कथित रूप से सिनेमा में नहीं दिखती। 100 मिलियन डॉलर का ये रचनात्मक भागीदारी का नेटफ्लिक्स फंड कहलाता है। और, अब इसी फंड के तहत नेटफ्लिक्स ने भारत में 10 शॉर्ट फिल्में ऐसे लोगों से बनवाने का फैसला किया है जो 18 साल से ऊपर हो। इन्हें फिल्में बनाना सिखाने वालों की लंबी लिस्ट है और इनमें हिंदी फिल्म उद्योग से अभिषेक चौबे, नीरज घेवन, गुनीत मोंगा, जूही चतुर्वेदी और हंसल मेहता की भागीदारी होने की बात भी नेटफ्लिक्स ने बताई है।

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जूही चतुर्वेदी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

नेटफ्लिक्स के बताए इन नामों को सुनकर सिनेमा के किसी विद्यार्थी का उत्साह जागे ना जागे, लेकिन नेटफ्लिक्स को लगता है कि ये नाम उनके दफ्तर के बाहर फिल्में बनाने के लिए लालायित युवाओं की लाइन लगा देंगे। हंसल मेहता को छोड़कर इनमें से बाकी चारों ने आखिरी बार कौन सा कमाल काम किया, इसके लिए याददाश्त पर जोर देने की जरूरत पड़ती है। पर, नेटफ्लिक्स इन फिल्मकारों और कुछ और लोगों को साथ लेकर अगले महीने 10 ऐसे युवा तलाशने निकल रहा है जिनको सात सात लाख रुपये देकर शॉर्ट फिल्में बनवाई जाएंगी और फिर उन्हें नेटफ्लिक्स के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया जाएगा।

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नीरज घेवन - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

दिलचस्प यहां ये है कि कभी अनुराग कश्यप के सहायक रहे नीरज घेवन ने अपना करियर भी ‘शॉर्ट्स’ नाम से रिलीज हुई शॉर्ट फिल्मों की एंथोलॉजी से ही शुरू किया था और इस प्रतियोगिता का निर्णायक रहते हुए उनका नाम अनुराग कश्यप ने बिना उनके कंपटीशन में हिस्सा लिए फाइनल लिस्ट में शामिल कर लिया था। साल 2013 मे रिलीज हुई फिल्मावली ‘शॉर्ट्स’ के लिए तुमभी डॉट कॉम नामक एक टैलेंट हंट पोर्टल ने राइटिंग कंपटीशन किया और देश दुनिया से लोगों की कहानियां मंगाईं थीं। लेकिन, ‘शॉर्ट्स’ की शक्ल में जो एंथलॉजी सिनेमाघरों तक पहुंची, उसमें कुछ ऐसे नाम भी थे जिन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा ही नहीं लिया। हां, इसके निर्माता के रूप में अनुराग कश्यप की कंपनी के साथ साथ तुमभी का नाम जरूर शामिल रहा।

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अभिषेक चौबे - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

जिस प्रतियोगिता की शुरुआत फिल्मावली ‘शॉर्ट्स’ के लिए तुमभी डॉट कॉम ने की थी, उसमें नीरज घेवन से लेकर श्लोक शर्मा तक के निर्देशक अपनी अपनी ऐसी कहानियां लेकर शामिल हो गए, जो प्रतियोगिता के निर्णायकों ने फाइनल ही नहीं की थीं। शॉर्ट फिल्मों की ही एक प्रतियोगिता अब नेटफ्लिक्स करने जा रहा है। इसमें छांटे गए लोगों को सिनेमा सिखाने वालों में नीरज घेवन का नाम भी शामिल है जिनको नेटफ्लिक्स पर ही प्रसारित हुए ‘सैक्रेड गेम्स’ के दूसरे सीजन का एक ट्रैक और ‘अजीब दास्तान्स’ की एक कहानी निर्देशित करने का मौका मिल चुका है।

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गुनीत मोंगा - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

बाकी निर्णायकों में हंसल मेहता इन दिनों इतने व्यस्त निर्माता और निर्देशक हैं कि वह व्यक्तिगत रूप से इसमें कितना समय दे पाएंगे, अभी कहना मुमकिन है। जूही चतुर्वेदी अभी अपनी पिछली दो फिल्मों ‘अक्टूबर’ और ‘गुलाबो सिताबो’ को दर्शकों से ज्यादा प्यार न मिल पाने के बाद से लो प्रोफाइल में हैं। उनका कुछ नया अभी इन दोनों फिल्मों के बाद से सामने आया नहीं है। अभिषेक चौबे भी फिल्म ‘सोनचिड़िया’ के बाद से कोई दूसरी बड़ी फिल्म शुरू नहीं कर पाए हैं। हां, नेटफ्लिक्स के लिए ‘रात अकेली है’ का निर्माण और फिल्मावली ‘रे’ की एक शॉर्ट फिल्म का निर्देशन इस बीच वह जरूर कर चुके हैं। निर्माता गुनीत मोंगा भी इस प्रतियोगिता के लिए छांटे गए युवाओं को सिनेमा सिखाएंगी। अनुराग कश्यप की कंपनी में उन्होंने भी लंबा काम किया है और ऐसी प्रतियोगिताओं को करीब से देखने समझने का उनका भी अपना एक अलग रिकॉर्ड रहा है।

 
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