'चुप रिवेंज ऑफ द आर्टिस्ट'
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
निर्देशक आर बाल्की के मुताबिक, 'चुप', संवेदनशील कलाकार के लिए एक गीत है और गुरुदत्त उस सूची में सबसे ऊपर हैं। मेरे पास एक कहानी काफी समय से थी और मुझे खुशी है कि मैंने आखिरकार इसे लिखा, गुरुदत्त की बेहतरीन कृति कागज के फूल का भारी आलोचना हुई, फिल्म असफल रही और उसके बाद उन्होंने कोई फिल्म नहीं बनाई। कला को तोड़-मरोड़कर पेश करते हुए, कलाकार की संवेदनशीलता के बारे में कम ही लोग सोचते हैं। चुप एक ऐसी ही कहानी है जो एक कलाकार के काम के प्रति असंवेदनशीलता और ऐसी आलोचना के प्रति कालाकार की प्रतिक्रिया को दिखाती है।